पत्ता हाथ में है और नाम पता नहीं, यह दिक्कत हर बागवान के साथ होती है। फोटो खींचो और नाम सामने आ जाए, इसी काम के लिए बने पौधों की पहचान करने वाले ऐप यहाँ एक जगह जुटाए गए हैं। सूची किसान, छत पर बागवानी करने वालों, स्कूल के बच्चों और घुमक्कड़ों के लिए है। कोई ऐप जंगली फूल और पेड़ पकड़ने में तेज है, कोई गमलों की देखभाल का पूरा हिसाब रखता है, कोई खेत की फसल की बीमारी बताता है।
चुनते समय पहले यह देखा गया कि पहचान कितनी सही बैठती है और जवाब कितनी देर में आता है। फिर पैसे का हिसाब: कौन ऐप पूरा मुफ्त है, कहाँ हफ्ते का चार्ज लगता है, ट्रायल के लिए कार्ड मांगा जाता है या नहीं। तीसरी बात डेटाबेस और भाषा, क्योंकि भारत के पेड़ पौधे यूरोप की सूची में हर बार नहीं मिलते। साथ में यह भी परखा गया कि ऐप बिना इंटरनेट चलता है या नहीं, विज्ञापन कितने हैं और गलत जवाब सुधारने का रास्ता है या नहीं।
क्रम संपादकों ने तय नहीं किया। ऊपर नीचे की जगह समुदाय के वोट से बनती है, इसलिए सूची समय के साथ बदलती रहती है। हर कार्ड में प्लस, माइनस और लोगों के रिव्यू पढ़ें, फिर वोट डालें। अपना अनुभव भी लिख दें, अगली बार किसी और का चुनाव आसान हो जाएगा।
Glority Global Group का ऐप, 2017 से स्टोर में है। कंपनी का दावा है कि इसमें चार लाख से ज्यादा प्रजातियाँ दर्ज हैं और रोज लाखों फोटो पहचानी जाती हैं। मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी की 2025 की जाँच में यह सबसे आगे रहा, करीब 76 प्रतिशत जवाब सही निकले। नाम के अलावा बीमारी की जाँच, पानी देने का रिमाइंडर, धूप नापने वाला लाइट मीटर और माली से सवाल पूछने की सुविधा मिलती है।
पैसा लगता है। सालाना प्लान करीब 30 से 40 डॉलर पड़ता है, सात दिन का ट्रायल कार्ड जोड़ने पर ही खुलता है। जिसे गमलों की पूरी डायरी रखनी है, उसके लिए सौदा ठीक है। जिसे सिर्फ नाम जानना है, वह मुफ्त ऐप से भी काम चला लेगा। ट्रायल लिया हो तो तारीख डायरी में लिख लें, वरना पूरे साल का पैसा कट जाता है।
फ्रांस के शोध संस्थानों Inria, CIRAD, INRAE और IRD का साझा प्रोजेक्ट। ऐप 2013 में आया और तब से मुफ्त है, कोई विज्ञापन नहीं, कोई सदस्यता नहीं। वर्ल्ड फ्लोरा में 70 हजार से ज्यादा प्रजातियाँ हैं, साथ में इलाके के हिसाब से अलग सूचियाँ। पत्ता, फूल, फल, छाल या पूरे पौधे की फोटो अलग अलग डाली जा सकती है, इससे जवाब पक्का होता है। एंड्रॉयड पर डाउनलोड चार करोड़ से ऊपर हैं।
जो जंगली पौधे, पेड़ और खरपतवार पहचानना चाहता है, उसके लिए यह सबसे भरोसेमंद मुफ्त रास्ता है। बदले में देखभाल की सलाह, रिमाइंडर और चैट जैसी चीजें नहीं मिलेंगी। गलत नाम आने पर समुदाय उसे सुधार देता है, पर इसमें समय लगता है। भारत की कई स्थानीय प्रजातियों पर जवाब अभी कमजोर रहता है।
अमेरिका का गैर लाभकारी प्लेटफॉर्म, 2008 से चल रहा है। सितंबर 2024 तक इसमें 20 करोड़ से ज्यादा ऑब्जर्वेशन जमा हो चुके थे और ऑब्जर्वर 30 लाख पार कर गए। काम दो तरफ से होता है: पहले मशीन नाम सुझाती है, फिर दुनिया भर के जानकार फोटो देखकर उसे पक्का करते हैं। जिस रिकॉर्ड पर दो लोग सहमत हो जाएँ, वह रिसर्च ग्रेड बन जाता है और वैज्ञानिक डेटाबेस में जाता है।
पौधे के साथ कीड़े, पक्षी और मशरूम भी पहचाने जाते हैं, पूरा ऐप मुफ्त है। जिसे नाम की पक्की पुष्टि चाहिए, उसके लिए यही सबसे मजबूत जगह है। जल्दी में हैं तो निराशा होगी, क्योंकि जानकार का जवाब कुछ घंटों से कुछ दिनों में आता है। खाता बनाना जरूरी है और फोटो अपलोड में डेटा भी अच्छा खर्च होता है।
बर्लिन की PEAT GmbH का ऐप, 2015 से किसानों के बीच चल रहा है और भारत इसका सबसे बड़ा बाजार है। कैमरा फसल के बीमार पत्ते पर घुमाइए, ऐप बताता है कि कीड़ा है, फंगस है या खाद की कमी। इसमें 30 बड़ी फसलें और 780 से ज्यादा नुकसान दर्ज हैं, ऐप 19 भाषाओं में है, हिंदी भी शामिल। डाउनलोड एक करोड़ से ऊपर हैं। साथ में खाद का कैलकुलेटर और किसानों की चर्चा वाला हिस्सा भी है।
गमले के शौकीनों के लिए यह ऐप नहीं है, इसका काम खेत है: गेहूँ, धान, कपास, टमाटर, मिर्च जैसी फसलें। पहचान मुफ्त है, पैसा दुकानदारों और कंपनियों की तरफ से आता है, इसलिए सलाह के साथ उत्पादों के सुझाव भी दिखते हैं। सिर्फ एंड्रॉयड पर मिलता है और जवाब के लिए इंटरनेट चाहिए।
APPIXI का ऐप, नाम पुराने वैज्ञानिक प्रोजेक्ट से मिलता जुलता है पर कंपनी अलग है। स्टोर के पेज पर चार लाख से ज्यादा प्रजातियों का डेटाबेस और 98 प्रतिशत सटीकता का दावा है। पौधे, फूल, पेड़, मशरूम, कीड़े और खरपतवार, सब एक ही कैमरे से पहचाने जाते हैं। 20 से ज्यादा भाषाएँ हैं और हर पहचानी प्रजाति के साथ देखभाल की छोटी गाइड मिलती है।
ऐप का बड़ा फायदा यह है कि रोज की स्कैन गिनती पर सख्त ताला नहीं लगाया गया, बुनियादी पहचान मुफ्त में हो जाती है। बदले में सदस्यता की स्क्रीन बार बार सामने आती है। आम बगीचे के फूल और पेड़ यह ठीक पकड़ लेता है, दुर्लभ या स्थानीय प्रजातियों पर जवाब भटक जाता है, इसलिए जरूरी काम के लिए दूसरी ऐप से क्रॉस चेक करना समझदारी है।
अमेरिका का ऐप, 2016 में शुरू हुआ और तब से पुरानी जमी हुई ऐप में गिना जाता है। स्टोर पर छह लाख से ज्यादा पौधों का डेटाबेस और दुनिया भर में पाँच करोड़ उपयोगकर्ता बताए जाते हैं। फूल, पेड़, कैक्टस, गुदेदार पौधे और मशरूम पहचानता है, साथ में बगीचे की सलाह और बीमारी की जाँच जोड़ी गई है। दाम खुला रखा गया है: करीब तीन डॉलर महीना, बीस डॉलर साल या चालीस डॉलर में लाइफटाइम।
लाइफटाइम वाला विकल्प इसे बाकी ऐप से अलग करता है, हर साल फीस देने का झंझट नहीं रहता। खाता बनाए बिना ऐप खुलता नहीं, यह पहली बार में खटकता है। पुराने या कम रैम वाले फोन पर स्क्रीन अटकती है और तस्वीर धुंधली हुई तो जवाब भरोसे का नहीं रहता, दो तीन कोणों से फोटो लेना पड़ता है।
पहले यह ऐप NatureID नाम से चलती थी, अब AIBY ने इसे Plantum बना दिया है। काम तीन हिस्सों में बँटा है: फोटो से नाम, पत्ते की हालत देखकर बीमारी का अंदाजा और गमले के लिए पानी, धूप, खाद का शेड्यूल। फोन के कैमरे से रोशनी नापने वाला मीटर है, कठोरता क्षेत्र यानी हार्डिनेस जोन की जानकारी है और असली विशेषज्ञ से सवाल पूछने का विकल्प भी दिया गया है।
दाम तीन दिन के ट्रायल के बाद शुरू होते हैं, सालाना प्लान लगभग 30 डॉलर बैठता है, बीच बीच में छूट वाले हफ्तेवार प्लान भी दिखते हैं। घर के गमलों और बालकनी बागवानी वालों के लिए यह ठीक बैठता है। जंगल में दुर्लभ पेड़ पहचानने का काम हो तो मुफ्त वैज्ञानिक ऐप बेहतर रहेंगी। कुछ उपयोगकर्ता सहेजे हुए पौधों की सूची गायब होने की शिकायत भी लिखते हैं।
यूक्रेनी टीम की बनाई ऐप, जोर पहचान से ज्यादा देखभाल पर है। फोटो से नाम मिलता है, फिर उस पौधे के लिए पानी देने का प्लान, मिट्टी और गमले की सलाह तैयार होती है। बीमार पत्ते की जाँच, मशरूम पहचानने वाला अलग हिस्सा और वनस्पति विशेषज्ञ से चैट भी जोड़ी गई है। कंपनी के पेज पर तीन दिन का मुफ्त ट्रायल दिखता है, आगे हफ्ते का करीब आठ डॉलर, महीने का बीस डॉलर और लाइफटाइम लगभग पचास डॉलर।
जो नए पौधे लाकर उन्हें मार बैठता है, उसके लिए यह ऐप काम की है, क्योंकि यह याद दिलाती रहती है। हफ्तेवार दाम महँगा पड़ता है, इसलिए लंबे प्लान का हिसाब पहले लगा लेना चाहिए। सदस्यता बंद करने में दिक्कत की शिकायतें रिव्यू में मिलती हैं, इसलिए स्टोर की सेटिंग से ही रद्द करना ठीक रहता है।
Blossom को Conceptiv Apps ने बनाया और अब यह Bending Spoons के हाथ में है। ऐप फोटो से पौधे का नाम बताती है और उसके बाद देखभाल की तरफ मुड़ जाती है: पानी का रिमाइंडर, रोशनी नापने वाला मीटर, पौधे की डायरी जिसमें फोटो जोड़कर बढ़ना देखा जा सकता है। समीक्षाओं में हजारों प्रजातियों की बात होती है, दाम करीब चार डॉलर महीना या बीस से पच्चीस डॉलर साल के बताए जाते हैं।
इंटरफेस शुरुआती माली के हिसाब से बना है, सवाल पूछकर ऐप खुद रूटीन तैयार कर देती है। जिसे वैज्ञानिक नाम की पक्की पुष्टि चाहिए, वह इसमें निराश होगा, पहचान भारी ऐप जितनी सधी नहीं है। नवीनीकरण पर दाम अचानक बढ़ जाने की शिकायतें बहुत हैं, इसलिए तारीख और रकम पर नजर रखना जरूरी है। ट्रायल भी छोटा है।
Flora Incognita जर्मनी की टेक्निशे यूनिवर्सिटी इल्मेनाउ और मैक्स प्लांक इंस्टिट्यूट के शोध प्रोजेक्ट से निकली ऐप है, जो अप्रैल 2018 में आई और अब 30,000 से ज़्यादा वनस्पति प्रजातियों की पहचान करती है। तरीका बाकी ऐप से अलग है: कैमरा खोलने के बाद ऐप खुद बताती है कि अब फूल की तस्वीर चाहिए, अब पत्ती की या पूरे पौधे की, और कुछ सेकंड में नाम तथा विशेषताओं वाली फैक्ट शीट सामने रख देती है। ऐप पूरी तरह मुफ़्त है, कोई विज्ञापन या सदस्यता नहीं, और इंटरफ़ेस हिंदी समेत तीस से ज़्यादा भाषाओं में मिलता है।
फ़ायदा उन लोगों को है जो जंगली पौधों में दिलचस्पी रखते हैं: छात्र, शिक्षक, ट्रेक पर जाने वाले लोग, जिन्हें बिना पैसा खर्च किए भरोसेमंद वैज्ञानिक नाम चाहिए। घर के गमलों की देखभाल की सलाह या फ़सल की बीमारी की जाँच खोजने वाले को यह अधूरी लगेगी, क्योंकि मॉडल मुख्य रूप से यूरोप की वनस्पति पर सिखाया गया है। भारत की उष्णकटिबंधीय प्रजातियों पर जवाब कई बार जीनस तक ही रुक जाता है।