पासपोर्ट, वीज़ा या पैन कार्ड के लिए फोटो चाहिए, पर स्टूडियो जाने का समय नहीं है। ऐसे में पासपोर्ट फोटो बनाने वाले ऐप काम आसान कर देते हैं। फोन से सेल्फी लीजिए, ऐप उसे सही माप में काट देगा और बैकग्राउंड सफेद कर देगा। यह सूची उन लोगों के लिए है जो घर बैठे फॉर्म भरते हैं, बच्चों के दाखिले की फाइल बनाते हैं या पासपोर्ट दोबारा बनवा रहे हैं।
चुनते समय सबसे पहले यह देखा गया कि ऐप भारतीय माप जानता है या नहीं, यानी पासपोर्ट का 51x51 मिमी और आम 3.5x4.5 सेमी वाला साइज़। फिर बाकी बातें: बैकग्राउंड कितनी सफाई से हटता है, फाइल का वजन KB में तय हो पाता है या नहीं, DPI कितना मिलता है, A4 शीट पर कई कॉपी छपती हैं या नहीं। पैसे का हिसाब भी देखा गया, क्योंकि कई ऐप मुफ्त दिखते हैं और डाउनलोड के वक्त सब्सक्रिप्शन माँग लेते हैं। विज्ञापन, ऑफलाइन काम और सपोर्ट का जवाब भी गिना गया।
क्रम पत्थर की लकीर नहीं है। जगहें पाठकों के वोट से बदलती रहती हैं, इसलिए ऊपर वही रहता है जिसे लोग सच में इस्तेमाल करते हैं। हर कार्ड में प्लस और माइनस अलग लिखे हैं, नीचे लोगों के अनुभव भी पढ़िए। दो तीन ऐप आजमाकर देखिए, हाथ में जो सबसे सीधा लगे वही आपका है।
पोलैंड की कंपनी का ऐप, जो फोन पर और ब्राउज़र में दोनों जगह चलता है। पहले AI फोटो को काटता है, चेहरा सीधा करता है और बैकग्राउंड सफेद कर देता है, फिर कंपनी का आदमी हाथ से जाँचता है कि तस्वीर नियम पर खरी उतरती है या नहीं। भारतीय पासपोर्ट का 51x51 मिमी माप, वीज़ा, ओसीआई और दूसरे दस्तावेज़ों के टेम्पलेट मौजूद हैं। कंपनी कहती है कि फोटो रद्द होने पर पैसा लौटा दिया जाता है, सपोर्ट ईमेल पर चौबीसों घंटे जवाब देता है।
जिनका फॉर्म पहले एक बार रिजेक्ट हो चुका है, उनके लिए यह भरोसे वाला रास्ता है। जो मुफ्त में काम निपटाना चाहते हैं, उन्हें यहाँ निराशा होगी: तैयार फाइल डाउनलोड करने पर पैसा लगता है। तस्वीर सर्वर पर जाती है, इसलिए बिना इंटरनेट कुछ नहीं होगा।
visafoto टीम का ऐप, Android और iPhone दोनों पर। 170 से ज़्यादा देशों के फॉर्मेट अंदर भरे हैं, पासपोर्ट से लेकर वीज़ा और आम आईडी तक। फोटो लेने के बाद कुछ सेकंड में तैयार फाइल मिल जाती है, बैकग्राउंड अपने आप बदल जाता है। भारतीय पासपोर्ट सेवा और VFS के लिए अलग गाइड कंपनी की साइट पर दी गई है। Play Store पर एक लाख से ज़्यादा इंस्टॉल हैं। ऐप में QR कोड, कार्ड और दस्तावेज़ रखने की अलमारी भी है, जो नेट के बिना खुलती है।
फोटो बनाने वाला हिस्सा मुफ्त डाउनलोड है, पर अच्छी चीज़ें इन ऐप खरीद के पीछे हैं। रेटिंग मिलीजुली है, कुछ लोग सब्सक्रिप्शन की शिकायत करते हैं। सारा इंटरफ़ेस और सपोर्ट अंग्रेज़ी में है।
Play Store के सबसे पुराने और सबसे ज़्यादा डाउनलोड होने वाले फोटो मेकर में से एक, इंस्टॉल का आँकड़ा एक करोड़ पार कर चुका है। भारत के लिए पासपोर्ट, पैन कार्ड और वीज़ा वाले माप पहले से मौजूद हैं। खास बात शीट बनाने की है: एक 4x6 या A4 पन्ने पर आठ दस कॉपी बैठ जाती हैं, जिससे छपाई का खर्च घट जाता है। बनाई गई तस्वीरें ऐप में सेव रहती हैं, बाद में दोबारा निकाली जा सकती हैं।
जिसे बस साइज़ काटकर दुकान पर प्रिंट कराना है, उसके लिए यह सीधा औज़ार है। पर मुफ्त ट्रायल में कार्ड की जानकारी माँगने और बाद में पैसे कटने की शिकायतें रिव्यू में मिलती हैं, इसलिए सब्सक्रिप्शन वाली स्क्रीन ध्यान से पढ़िए।
अहमदाबाद की टीम Pixster Studio का ऐप, iPhone और Android दोनों पर चलता है। कैमरा खोलते ही चेहरे के लिए गाइडलाइन दिखती हैं, फोटो लेने के बाद बैकग्राउंड अपने आप कट जाता है और सौ से ज़्यादा दस्तावेज़ों के तैयार माप में से चुनना होता है। ब्राइटनेस, कंट्रास्ट और रंग हाथ से भी ठीक किए जा सकते हैं, फिर एक शीट पर कई कॉपी बनाकर शेयर या प्रिंट की जा सकती हैं।
भारतीय कंपनी होने का फायदा यह है कि सपोर्ट ईमेल का जवाब आता है और शिकायत सुनी जाती है। कमी यह कि देशों की सूची बहुत लंबी नहीं है और अच्छी क्वालिटी में सेव करने के लिए पेड वर्जन लेना पड़ता है।
Cutout.Pro का दस्तावेज़ फोटो वाला ऐप। कंपनी 2018 से AI इमेज टूल बना रही है और बैकग्राउंड हटाने में उसका इंजन तेज़ माना जाता है। यहाँ सेल्फी से पासपोर्ट, वीज़ा और आईडी फोटो बनती है, बैकग्राउंड एक टैप में सफेद, नीला या लाल हो जाता है। कपड़े बदलने वाला विकल्प भी है, यानी टीशर्ट की जगह कोट पहना हुआ दिखाया जा सकता है। वही काम कंपनी की वेबसाइट पर ब्राउज़र से भी हो जाता है, अकाउंट एक ही रहता है।
तस्वीर सर्वर पर प्रोसेस होती है, इसलिए नेट ज़रूरी है और निजी फोटो अपलोड करनी पड़ती है। मुफ्त में सीमित काम होता है, पूरी क्वालिटी वाली फाइल क्रेडिट या पेड प्लान से मिलती है। हिंदी इंटरफ़ेस नहीं है।
भारत में यह ऐप सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाले पासपोर्ट फोटो टूल में गिना जाता है. गूगल प्ले पर 50 लाख से ज्यादा इंस्टॉल और रेटिंग 4.8 के आसपास, रिव्यू की संख्या 87 हजार से ऊपर. ऐप में 150 से ज्यादा देशों के पासपोर्ट और वीज़ा माप पहले से भरे हैं, इसलिए भारतीय 51x51 मिमी और 3.5x4.5 सेमी वाली फोटो चुनकर तुरंत काटी जा सकती है. बैकग्राउंड हटाने का टूल, ब्राइटनेस सुधार और एक शीट पर कई कॉपी रखने की सुविधा भी है, जिससे 4x6 या A4 पेपर पर प्रिंट सस्ता पड़ता है.
जिन लोगों को हर महीने फॉर्म भरने के लिए फोटो चाहिए, उनके लिए यह ठीक बैठता है. काम मुफ्त में हो जाता है, बदले में विज्ञापन झेलने पड़ते हैं और प्रो खरीदने पर वे हट जाते हैं. बाल या चश्मे के किनारे पर बैकग्राउंड कटिंग हाथ से ठीक करनी पड़ सकती है. कोई इंसानी जांच नहीं होती, तो सरकारी अपलोड से पहले माप और फाइल साइज़ खुद देख लेना समझदारी है.
यह ऐप Android और iOS दोनों पर है और काम का तरीका बाकी टूल से अलग है. आप सेल्फी भेजते हैं, सेवा की टीम फोटो को दस्तावेज़ के नियमों के हिसाब से जांचती और तैयार करती है, फिर फाइल ईमेल पर आती है. साइट पर भारत के लिए अलग पेज है, जिसमें 51x51 मिमी पासपोर्ट फोटो और सफेद बैकग्राउंड की शर्तें लिखी हैं. डिजिटल फाइल के साथ 10x15 सेमी का प्रिंट टेम्पलेट मिलता है, जिसे किसी भी फोटो दुकान पर छपवाया जा सकता है. कंपनी का दावा है कि भारतीय स्टूडियो 50 से 200 रुपये लेते हैं, इसलिए यह सस्ता पड़ता है.
फायदा उन्हें है जो वीज़ा या पासपोर्ट फॉर्म में गलती नहीं चाहते और इंसानी जांच पर भरोसा करते हैं. जल्दी में काम करने वालों के लिए दिक्कत यह है कि फोटो हर बार पैसे देकर बनती है, मुफ्त में सिर्फ प्रीव्यू तक बात रहती है. इंटरनेट के बिना कुछ नहीं होगा और इंटरफेस अंग्रेज़ी में है.
यह ऐप वीज़ा सेवा iVisa की है, इसलिए इसका पूरा जोर दस्तावेज़ के नियमों पर रहता है. काम सेल्फी से शुरू होता है, ऐप कैमरा पकड़ने के टिप्स देता है, फिर टीम बैकग्राउंड हटाकर फोटो को सही माप में सेट करती है. अमेरिकी पासपोर्ट के लिए 2x2 इंच अपने आप बन जाता है, भारतीय पासपोर्ट का माप भी वही 51x51 मिमी है, तो यह प्रीसेट सीधे काम आता है. वीज़ा, ग्रीन कार्ड और आईडी कार्ड के फॉर्मैट अलग से चुने जा सकते हैं और तैयार फाइल ईमेल पर आ जाती है.
जो लोग विदेश यात्रा के फॉर्म भर रहे हैं और फोटो रिजेक्ट होने का डर नहीं चाहते, उनके लिए यह सही है. रोज़ की छोटी जरूरतों, जैसे स्कूल फॉर्म या पैन कार्ड, के लिए यह महंगा सौदा है. भुगतान से पहले तैयार फोटो देखने की सुविधा सीमित है, और सब कुछ इंटरनेट पर होता है, ऑफलाइन कुछ नहीं बनेगा.