प्रिंटिंग और पैकेजिंग सेवाएं ढूंढना तब सबसे मुश्किल लगता है जब ऑर्डर पहली बार देना हो: विज़िटिंग कार्ड की सौ कॉपी चाहिए या हर महीने दस हज़ार शिपिंग बॉक्स, दोनों के लिए एक ही जगह काम नहीं आती। यह रेटिंग उन लोगों के लिए है जो छोटे स्टार्टअप, ऑनलाइन दुकान, कैफ़े, स्कूल या कॉरपोरेट टीम के लिए छपाई और डिब्बाबंदी का भरोसेमंद साथी चुनना चाहते हैं।
चयन में कुछ सीधी बातें देखी गईं: कंपनी कितने साल से काम कर रही है, न्यूनतम ऑर्डर कितना है, कीमत पहले से पता चलती है या हर बार कोटेशन लेना पड़ता है, डिलीवरी पूरे भारत में जाती है या सिर्फ़ अपने इलाके में, और गुणवत्ता के प्रमाण जैसे ISO, BRC या FSC सर्टिफिकेशन मौजूद हैं या नहीं। सूची में जानबूझकर दो तरह के नाम रखे गए हैं: ऑनलाइन प्रिंट दुकानें, जहां एक टुकड़ा भी छप जाता है, और बड़ी पैकेजिंग फ़ैक्ट्रियां, जो लाखों कार्टन बनाती हैं।
क्रम संपादकीय राय से तय नहीं होता, जगहें सामुदायिक वोटों से बदलती रहती हैं। इसलिए ऊपर के नाम पर रुकने की जल्दी न करें: हर कार्ड में प्लस, माइनस और पढ़ने वालों के अनुभव दिए हैं, वहीं से अंदाज़ा लगेगा कि आपका काम किस स्तर की प्रिंटिंग और पैकेजिंग सेवाएं मांगता है। अपना अनुभव जोड़ना चाहें तो वोट और समीक्षा दोनों खुले हैं।
बेंगलुरु से चली प्रिंटो अब छह शहरों में करीब 27 रिटेल स्टोर चलाती है और साथ में ऑनलाइन ऑर्डर भी लेती है। पंद्रह साल से ज़्यादा का काम, हज़ार से अधिक लोगों की टीम, और रेंज में विज़िटिंग कार्ड से लेकर ब्रोशर, स्टैंडी, फोटो बुक और कॉरपोरेट गिफ्ट हैंपर तक सब कुछ है। कंपनी अपने ग्राहकों में Google, Accenture और PhonePe जैसी बड़ी टीमों को गिनाती है, यानी हज़ारों कर्मचारियों के लिए एक जैसी छपाई का काम इसे आता है।
फ़ायदा उनको है जो नमूना हाथ में देखकर तय करना चाहते हैं: स्टोर में जाकर पेपर, जीएसएम और फ़िनिश छूकर चुनी जा सकती है, और जल्दी वाले ऑर्डर उसी दिन तैयार हो जाते हैं। मोहल्ले की प्रेस से दाम ज़्यादा लगेंगे, यह मान लेना चाहिए। पैकेजिंग की तरफ़ यह ब्रांडेड डिब्बे और गिफ्ट बॉक्स तक ठीक है, फ़ैक्ट्री स्तर के लाख कार्टन इससे नहीं आते।
बेंगलुरु, नंबर 320, सिद्दप्पा लेआउट, 1st मेन रोड, बोम्मनहल्ली, 560068
विस्टाप्रिंट Cimpress समूह का हिस्सा है और भारत में अपनी अलग साइट vistaprint.in से काम करता है। ताकत टेम्पलेट लाइब्रेरी में है: विज़िटिंग कार्ड, फ्लायर, बैनर, स्टैंप, मास्क, मग और टी-शर्ट के तैयार डिज़ाइन ब्राउज़र में ही बदले जा सकते हैं, बिना डिज़ाइनर के। दाम पहले से दिखते हैं और मात्रा बढ़ाते ही प्रति यूनिट कीमत साफ़ गिरती है, इसलिए बजट का हिसाब पहले ही लग जाता है।
छोटे कारोबार और फ्रीलांसर के लिए यह सबसे आसान शुरुआत है, खासकर जब लोगो अभी बना ही रहा हो। जिनको कागज़ का सैंपल चाहिए या तुरंत डिलीवरी चाहिए, उनके लिए यह विकल्प कमज़ोर पड़ता है, क्योंकि सब कुछ केंद्रीय प्रोडक्शन से आता है और छपाई के बाद बदलाव संभव नहीं। पैकेजिंग यहां ब्रांडेड टेप, स्टिकर और छोटे बॉक्स तक सीमित है।
प्रिंटस्टॉप मुंबई से चलने वाली B2B प्रिंट कंपनी है, जिसका पूरा ढांचा दफ़्तरों की ज़रूरत पर बना है। इसके प्रोग्राम PRO Admin और PRO Marketing में कंपनी का ब्रांड टेम्पलेट एक बार लॉक कर दिया जाता है, फिर हर शाखा या सेल्समैन अपने नाम के विज़िटिंग कार्ड, ID कार्ड, लेटरहेड और ब्रांडेड मर्चेंडाइज़ खुद ऑर्डर कर लेता है। इससे लोगो और रंग एक जैसे रहते हैं और खरीद विभाग का काम घटता है।
बीस से ज़्यादा लोगों वाली टीमों, स्कूलों और अस्पतालों के लिए यह ढांचा असल में समय बचाता है, क्योंकि हर ऑर्डर पर नया डिज़ाइन अप्रूवल नहीं चाहिए। एक व्यक्ति जिसे सौ कार्ड चाहिए, उसे यहां प्रक्रिया भारी लगेगी। पैकेजिंग की तरफ़ यह मुख्य रूप से ब्रांडेड बॉक्स, बैग और स्टिकर करता है, बड़े कार्टन प्रोडक्शन इसका काम नहीं।
मुंबई, A104 नमन मिडटाउन, परेल
बिज़ोंगो पैकेजिंग की खरीद को प्लेटफ़ॉर्म में बदलने वाली कंपनी है: ब्रांड अपनी ज़रूरत बताता है, बिज़ोंगो देश भर के वेंडर नेटवर्क से कार्टन, फ्लेक्सिबल पाउच, लेबल, टेप और ई-कॉमर्स बैग बनवाकर पहुंचाती है। साथ में डिज़ाइन अप्रूवल, ऑर्डर ट्रैकिंग और भुगतान का डैशबोर्ड मिलता है, इसलिए दस अलग सप्लायर से फ़ोन पर बात करने की झंझट घटती है। निवेशकों में Accel, B Capital और IFC शामिल हैं, टीम मुंबई, गुरुग्राम और बेंगलुरु में बैठती है।
यह मॉडल तब काम आता है जब हर महीने नियमित मात्रा चाहिए और अकाउंट में एक ही इनवॉइस देखनी है। एक बार के छोटे ऑर्डर, जैसे पचास गिफ्ट बॉक्स, यहां नहीं होते। कीमत साइट पर नहीं दिखती, हर बार कोटेशन लेना पड़ता है, और पहली बार का लीड टाइम सैंपल अप्रूवल पर निर्भर करता है।
मुंबई, 7वीं मंज़िल, E विंग, टाइम्स स्क्वायर, अंधेरी कुर्ला रोड, अंधेरी ईस्ट, 400069
पैकमैन पैकेजिंग दिल्ली NCR से कॉरगेटेड बॉक्स, कॉरगेटेड रोल, बबल रोल और पाउच, कूरियर बैग, POD जैकेट और डक्ट टेप बनाती है, और इनका ऑनलाइन स्टोर भी चलता है। यानी ई-कॉमर्स वाले वही चीज़ें एक कार्ट में डाल सकते हैं जो पहले तीन दुकानों से आती थीं। तैयार साइज़ स्टॉक में रहते हैं, इसलिए छोटी मात्रा भी अक्सर तुरंत निकल जाती है, और बड़ी मात्रा के लिए बॉक्स नाप के हिसाब से बनवाए जा सकते हैं।
नए ऑनलाइन विक्रेता, कूरियर एग्रीगेटर और वेयरहाउस चलाने वालों के लिए यह व्यावहारिक विकल्प है। जिनको बहुरंगी छपे हुए प्रीमियम कार्टन चाहिए, उनके लिए यह सीमित है: यहां ज़ोर मज़बूती और लागत पर है, न कि महीन प्रिंट क्वालिटी पर। ऑर्डर देने से पहले प्लाई और बर्स्टिंग स्ट्रेंथ की पुष्टि कर लेनी चाहिए, वरना पतले डिब्बे रास्ते में दब जाते हैं।
1996 में शुरू हुई पार्कसंस फोल्डिंग कार्टन बनाने वाली भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में गिनी जाती है। मुख्यालय मुंबई में है और प्लांट दमन, चाकण, पंतनगर, गुवाहाटी, श्री सिटी, गोवा तथा पंजाब में फैले हैं, यानी सप्लाई देश के लगभग हर कोने तक जाती है। ग्राहकों की संख्या तीन सौ से ऊपर बताई जाती है और उनमें FMCG, दवा, रिटेल तथा इलेक्ट्रिकल ब्रांड शामिल हैं। काम में मुद्रित कार्टन, लिथो लैमिनेशन और शेल्फ पर सजने वाली पैकिंग आती है।
यह उन ब्रांडों के लिए है जो हर महीने लाखों डिब्बे उठाते हैं और जिनके लिए रंग की एकरूपता ज़रूरी है। छोटे व्यवसाय के लिए दरवाज़ा लगभग बंद है: ऑनलाइन ऑर्डर नहीं होता, बात सेल्स टीम से शुरू होती है, और डिज़ाइन से प्रोडक्शन तक कई हफ़्ते लग सकते हैं।
मुंबई, इंडियाबुल्स फाइनेंस सेंटर, टावर 1, सेनापति बापट मार्ग, एल्फिंस्टन रोड वेस्ट
यूफ्लेक्स भारत की सबसे बड़ी फ्लेक्सिबल पैकेजिंग कंपनी मानी जाती है और नोएडा से चलती है। यहां एक ही छत के नीचे BOPET तथा BOPP फिल्म, प्रिंटेड लैमिनेट, पाउच, होलोग्राफी, इंक, पैकेजिंग मशीन और रीसाइक्लिंग तक का सिलसिला है, इसलिए कच्चे माल से लेकर तैयार पैक तक निर्भरता बाहर नहीं जाती। कंपनी के प्लांट भारत के अलावा दुबई, मिस्र, मैक्सिको, पोलैंड और अमेरिका में भी हैं, और फ्लेक्सिबल पैकेजिंग, फिल्म तथा मोल्डिंग कारोबार के लिए अलग-अलग संपर्क पते दिए जाते हैं।
नमकीन, मसाले, डेयरी, पेय और पर्सनल केयर बनाने वालों के लिए यह भारी मात्रा का ठिकाना है। छोटे ब्रांड को यहां प्रवेश मुश्किल लगेगा: रोल की न्यूनतम मात्रा बड़ी है, सिलेंडर बनवाने का खर्च अलग जुड़ता है, और डिज़ाइन बदलने पर वह खर्च दोबारा आता है।
नोएडा, A-107-108, सेक्टर IV, 201301
यह कंपनी पहले पेपर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के नाम से चलती थी, शुरुआत 1935 में हुई और 1999 में यह फ़िनलैंड के हुहटामाकी समूह का हिस्सा बन गई। भारत में इसका काम दो हिस्सों में बंटा दिखता है: फ्लेक्सिबल पैकेजिंग, ट्यूब लैमिनेट और लेबल, तथा फूडसर्विस के लिए कागज़ के कप, बाउल और कंटेनर, जिनकी यूनिट भिवंडी के पास है। ओरल केयर, स्किन केयर और दवा की पैकिंग में इसका नाम पुराना है, इसलिए बैरियर और नियमों की जानकारी यहां मज़बूत है।
रेस्टोरेंट चेन, क्लाउड किचन और खाद्य ब्रांड के लिए यह तब सही है जब मात्रा नियमित हो और फूड ग्रेड प्रमाण चाहिए। एक कैफ़े जिसे महीने में पांच सौ कप चाहिए, उसे थोक विक्रेता से लेना सस्ता पड़ेगा, क्योंकि सीधा ऑर्डर बड़ी मात्रा से शुरू होता है।
ठाणे, दामनगांव, भिवंडी, महाराष्ट्र 421302
Inkmonk 2013 में चेन्नई से शुरू हुआ ऑनलाइन प्रिंट मार्केटप्लेस है। यह खुद प्रेस नहीं चलाता, बल्कि देशभर के प्रिंटरों को एक जगह जोड़ता है: ग्राहक डिजाइन अपलोड करता है, कीमत और डिलीवरी का समय स्क्रीन पर दिखता है, ऑर्डर आगे वेंडर के पास जाता है। कैटलॉग में तीस से ज्यादा श्रेणियां हैं, विजिटिंग कार्ड, ब्रोशर, स्टिकर, टी शर्ट, मग, बैज, स्टैंडी, नोटबुक और लैनयार्ड से लेकर पेपर पाउच, हैंग टैग, फूड बॉक्स, पिज्जा बॉक्स और पैकेजिंग स्लीव तक। बल्क ऑर्डर पर टीम अलग कोटेशन देती है।
स्टार्टअप, छोटे कैफे, स्कूल और एजेंसियां, जिन्हें कम मात्रा में जल्दी छपाई चाहिए, इसे सुविधाजनक पाएंगे। मार्केटप्लेस मॉडल का असर भी साफ है: फिनिश और कागज की गुणवत्ता उस वेंडर पर टिकी होती है जिसे काम मिला, इसलिए पहला बड़ा ऑर्डर देने से पहले सैंपल मंगाना समझदारी है। औद्योगिक स्तर के लाखों यूनिट वाले कार्टन इस मंच का काम नहीं।