रोज़ की पूजा हो या शाम की आरती, अगरबत्ती लगभग हर भारतीय घर में जलती है, पर असली फ़र्क डिब्बा खोलने के बाद पता चलता है: खुशबू आधे घंटे टिकती है या दस मिनट में उड़ जाती है, धुआं गले में चुभता है या नहीं। यह रेटिंग उन लोगों के लिए है जो नाम देखकर नहीं, जलने के समय, खुशबू और दाम देखकर पैकेट उठाना चाहते हैं।
चुनाव में सिर्फ़ वही अगरबत्ती ब्रांड लिए गए हैं जिनके पैकेट Amazon.in, Flipkart या Meesho पर अभी मिल रहे हैं। तुलना के बिंदु सीधे रहे: एक स्टिक की लंबाई और जलने का समय, प्रति स्टिक कीमत, चारकोल है या नहीं, धुएं की मात्रा, खुशबू असली तेल से आती है या ऊपरी छिड़काव से, और पैकिंग कितनी मज़बूत है। हाथ से बनी मसाला बत्ती और मशीन से बनी सस्ती बत्ती का अंतर भी हर कार्ड में लिखा गया है।
क्रम संपादकीय मर्ज़ी से तय नहीं होता, पढ़ने वालों के वोट तय करते हैं, इसलिए जगहें बदलती रहती हैं। हर कार्ड में प्लस, माइनस और असली उपयोगकर्ताओं की राय पढ़ें, फिर तय करें कि रोज़ की पूजा के लिए सस्ता बड़ा पैक लेना है या मेहमानों के लिए महंगी नैचुरल बत्ती।
मैसूर की एन. रंगा राव एंड सन्स ने 1948 में यह ब्रांड शुरू किया था और Three in One आज भी इसका सबसे बिकने वाला पैक है। एक ही डिब्बे में तीन खुशबू आती हैं: फ़्लोरल, वुडी और लिली। स्टिक नौ इंच की बांस वाली है, एक बत्ती करीब चालीस मिनट जलती है। Amazon पर 250 ग्राम के दो और चार डिब्बों वाले सेट मिलते हैं, Flipkart पर छोटा पैक सत्तर रुपये के आसपास चलता है, यानी प्रति स्टिक खर्च बहुत कम बैठता है।
रोज़ की सुबह की पूजा और मंदिर वाले कोने के लिए यह सीधा विकल्प है, खासकर बड़े परिवार में जहां दिन में तीन चार बत्ती लगती हैं। धुआं सामान्य चारकोल बत्ती जितना ही है, इसलिए छोटे बंद कमरे या नवजात शिशु वाले घर में खिड़की खोलनी पड़ेगी। जिन्हें एक ही तय खुशबू चाहिए, उन्हें तीन सुगंध वाला मिश्रण अटपटा लग सकता है।
ITC का Mangaldeep देश का सबसे बड़ा धूप ब्रांड है और अगरबत्ती में दूसरे नंबर पर, कंपनी के अपने आंकड़े में सालाना उपभोक्ता खर्च आठ सौ करोड़ रुपये से ऊपर है। संदल वाली यह बत्ती चंदन तेल मिलाकर बनाई जाती है और 40, 90 तथा 160 स्टिक वाले पैक में मिलती है। दाम की वजह से यह किराना दुकान से लेकर Flipkart तक हर जगह दिखती है, और यही इसकी ताकत है: खत्म हो जाए तो पास की दुकान से तुरंत वही पैक मिल जाता है।
घर के छोटे मंदिर और रोज़ के दीया आरती वाले इस्तेमाल के लिए यह भरोसेमंद है। असली चंदन की गहरी लकड़ी वाली महक की उम्मीद रखने वाले निराश हो सकते हैं, खुशबू हल्की और मीठी तरफ़ झुकी है। स्टिक पतली है, तेज़ पंखे के नीचे जल्दी खत्म होती है, और राख थोड़ी बिखरती है, इसलिए लंबी ट्रे रखना बेहतर रहता है।
इंदौर की मैसूर दीप परफ्यूमरी हाउस 1992 से Zed Black बना रही है और Manthan इसकी सबसे सस्ती रोज़मर्रा वाली लाइन है। बांस वाली स्टिक पंद्रह सेंटीमीटर की है, Amazon पर 180 ग्राम के आठ पैक और 1800 ग्राम तक के बड़े बंडल मिलते हैं। कंपनी ने 2021 में बिना बांस वाली Manthan धूप स्टिक भी उतारी थी, जिसका डिब्बा पंद्रह रुपये से शुरू होता था। दुकानों के साथ Amazon और Flipkart दोनों पर उपलब्धता बनी रहती है।
जिन घरों में रोज़ कई बत्ती जलती हैं या दुकान, ऑफिस और हवन में थोक चाहिए, उनके लिए किलो वाला पैक सबसे सस्ता पड़ता है। बदले में गुणवत्ता महंगी मसाला बत्ती जैसी नहीं है: खुशबू करीब आधे घंटे में हल्की पड़ जाती है और धुआं ठीकठाक होता है। बड़े ज़िपर पैक में नमी लग जाए तो बत्ती टूटने लगती है, डिब्बा बंद करके रखना पड़ता है।
HEM Corporation 1983 से मुंबई में अगरबत्ती बना रही है और चार सौ से ज़्यादा अपनी सुगंधें तैयार करती है; Precious Chandan इसकी सबसे पहचानी जाने वाली लाइन है। पैक में 120 स्टिक आती हैं, एक बत्ती 35 से 40 मिनट जलती है और कंपनी इसे कम धुएं वाली बताती है। 100 ग्राम का छोटा डिब्बा और छह पैक वाले बंडल दोनों Amazon.in और Flipkart पर मिलते हैं, दाम प्रति स्टिक एक रुपये के आसपास बैठता है।
चंदन की मीठी, थोड़ी पाउडरी महक पसंद करने वालों के लिए यह सुरक्षित चुनाव है, ध्यान और शाम की पूजा दोनों में चलती है। खुशबू तेज़ है, इसलिए छोटे कमरे में एक बत्ती काफ़ी रहती है; दो जलाने पर सिरदर्द की शिकायत आम है। Flipkart पर कई तीसरे विक्रेता यही पैक बेचते हैं, नकली पैकिंग से बचने के लिए विक्रेता का नाम देख लेना ठीक रहता है।
1964 में के. एन. सत्यम शेट्टी की शुरू की श्रीनिवास सुगंधालय की यह बत्ती दुनिया भर में Nag Champa नाम से जानी जाती है। हाथ से लपेटी मसाला अगरबत्ती है, हलमद्दी और चंपा के मिश्रण की वजह से स्टिक चिपचिपी लगती है और खुशबू जलने के बाद भी कमरे में देर तक रहती है। 15 ग्राम के छोटे डिब्बे से लेकर 250 ग्राम के बड़े बॉक्स तक विकल्प हैं; बड़ा बॉक्स Flipkart पर सात सौ रुपये से ऊपर जाता है।
योग, ध्यान और लंबी पूजा के लिए यह पहली पसंद रहती है, एक बत्ती से पूरा कमरा भर जाता है। रोज़ाना सस्ते इस्तेमाल के लिए यह महंगी है, और बहुत भारी खुशबू सबको रास नहीं आती। बाज़ार में नकल बहुत है, इसलिए पैक पर निर्माता का नाम और होलोग्राम देखकर ही लें, वरना खुशबू असली जैसी नहीं मिलेगी।
बेंगलुरु की Padmini Products की जड़ें 1960 के दशक में हैं और चंदन वाली 200 ग्राम की यह बत्ती इसकी सबसे चलती लाइन है। स्टिक मोटी है, खुशबू सूखी लकड़ी वाली चंदन की तरफ़ जाती है, न कि फूलों की तरफ़। Amazon.in पर 200 ग्राम का जार और चंदन के साथ बृंदावन मिलाकर तीन पैक वाला 270 ग्राम का कॉम्बो दोनों मिलते हैं, कंपनी अपने Sandal Ultimo जैसे सौ स्टिक वाले प्रीमियम पैक भी बेचती है।
बड़े हॉल, पूजा घर और दुकान के लिए यह ठीक बैठती है, क्योंकि खुशबू दूर तक जाती है और जल्दी नहीं उड़ती। छोटे फ्लैट में एक साथ दो बत्ती जलाना भारी पड़ेगा। जार वाली पैकिंग सुविधाजनक है पर ढक्कन ढीला निकले तो नमी अंदर चली जाती है। Flipkart पर पद्मिनी की दूसरी खुशबुएं ज़्यादा दिखती हैं, चंदन वाला जार मुख्य रूप से Amazon पर भरोसेमंद रहता है।
कानपुर की फ्लावरसाइक्लिंग कंपनी Phool 2017 में शुरू हुई थी और मंदिरों से इकट्ठा किए फूलों से बत्ती बनाती है। बांस और चारकोल दोनों नहीं होते, इसलिए धुआं साफ़ दिखता है और जलने पर काली कालिख नहीं छोड़ता। Amazon.in पर तुलसी और चमेली वाला डिवोशन कॉम्बो तथा टी ट्री और लेमनग्रास वाला अरोमाथेरेपी कॉम्बो मिलता है: दो पैक, कुल अस्सी स्टिक, साथ में लकड़ी का स्टैंड।
जिन घरों में किसी को धुएं से दिक्कत होती है, या जो ध्यान और अरोमाथेरेपी के लिए हल्की महक चाहते हैं, उनके लिए यह सही है। कीमत सामान्य अगरबत्ती से कई गुना ज़्यादा है, रोज़ चार बत्ती जलाने वाले घर के लिए महंगा सौदा बनेगा। खुशबू भी हल्की है, बड़े कमरे में दूर बैठे व्यक्ति को शायद पता भी न चले। स्टिक बांस रहित होने से थोड़ी नाज़ुक होती है।
Nirmalaya 2020 में बंसल परिवार ने शुरू किया था, मॉडल वही है जो फूल आधारित ब्रांडों का होता है: मंदिर के चढ़ाए फूल इकट्ठा करके उनसे चारकोल रहित बत्ती बनाना। चमेली वाला पैक चालीस स्टिक का आता है, पैकिंग गत्ते के डिब्बे में सीधी खड़ी बत्तियों वाली है। Amazon.in पर ब्रांड का अपना स्टोर है जहां जैस्मिन, फ़ॉरेस्ट वुड, सेरीन जैसी कई खुशबुएं हैं, और स्टिक, कोन तथा धूप वाले कॉम्बो पैक भी मिलते हैं।
रोज़ छोटी पूजा करने वालों और उन लोगों के लिए ठीक है जो सिंथेटिक परफ्यूम की तेज़ महक से बचना चाहते हैं। चालीस स्टिक बहुत जल्दी खत्म होती हैं, इसलिए प्रति स्टिक खर्च आम बत्ती के मुकाबले ऊंचा रहता है। खुशबू नैचुरल होने की वजह से हल्की और कम टिकाऊ है; बड़े हॉल या हवा वाले बरामदे में असर लगभग नहीं दिखेगा।
पिट्टी ग्रुप का Shubhkart अपने Nirmal रेंज के लिए जाना जाता है, और केसर चंदन तथा कपूर लोबान वाला डबल पैक इसमें सबसे लोकप्रिय है। बत्ती नौ इंच की है, कंपनी के अनुसार करीब पैंतालीस मिनट जलती है और चारकोल रहित है। एक पैक में सौ स्टिक, दो पैक में दो सौ; Flipkart पर यह सेट दो सौ बीस रुपये के आसपास रहता है। Amazon.in पर चार खुशबुओं वाले ज़िपर पैक और लोबान की धूप कैंडी भी सूची में हैं।
लंबे भजन, सत्संग या हवन के लिए यह अच्छा विकल्प है क्योंकि एक बत्ती काफ़ी देर चलती है। कपूर लोबान की महक भारी है, जिन्हें मंदिर वाली गहरी खुशबू पसंद नहीं, वे केसर चंदन वाला अकेला पैक लें। दाम आम अगरबत्ती से ज़्यादा है और ज़िपर पैक की सील कई बार ढीली मिलती है, ऐसे में खुशबू जल्दी उड़ जाती है।
दिल्ली की हरि दर्शन सेवाश्रम पचास साल से पूजा सामग्री बना रही है और Premium Flora इसकी काली नैचुरल बत्ती वाली लाइन है। 150 ग्राम का पैक आता है, बत्ती मोटी और मसाला लेपित है, खुशबू फूलों के मिश्रण वाली तेज़ किस्म की है। कंपनी अगरबत्ती के अलावा धूप, चंदन टीका और हवन सामग्री भी बनाती है, इसलिए एक ही ब्रांड से पूजा का पूरा सामान लेना आसान पड़ता है। पैक Amazon.in पर उपलब्ध है।
मंदिर, बड़े कमरे और सत्संग के लिए यह सही बैठती है, थोड़ी सी बत्ती से महक फैल जाती है। छोटे फ्लैट या बंद कमरे में यह भारी लगेगी और धुआं भी सामान्य से ज़्यादा है। काली लेप वाली बत्ती हाथ पर रंग छोड़ती है, जलाने के बाद हाथ धोना पड़ता है। ऑनलाइन दाम विक्रेता के हिसाब से ऊपर नीचे होता रहता है, इसलिए तुलना करके ही मंगाएं।