हारमोनियम खरीदना है, पर समझ नहीं आ रहा कि कौन सी पेटी टिकेगी? यह सूची उन्हीं लोगों के लिए है। घर पर रियाज़ करने वाले छात्र, भजन और कीर्तन मंडली, स्कूल का संगीत कमरा और मंच पर बजाने वाले कलाकार, सबकी ज़रूरत अलग होती है। यहाँ भरोसेमंद हारमोनियम ब्रांड के असली मॉडल रखे गए हैं, जो अभी Amazon India और Flipkart पर मिल रहे हैं।
चुनाव में सबसे पहले यही देखा गया कि पेटी सचमुच बिक रही है या नहीं। उसके बाद चाबियों की संख्या और सप्तक, रीड के सेट, बेलो का प्रकार, कपलर या स्केल चेंजर, लकड़ी और वज़न तौला गया। दाम की सीमा भी जान बूझकर अलग रखी गई है: सात हज़ार वाली छात्र पेटी से लेकर चालीस हज़ार वाले स्केल चेंजर तक। साथ मिलने वाला बैग, कवर और ट्यूनिंग का दावा भी गिना गया, क्योंकि रोज़ के इस्तेमाल में यही चीज़ें काम आती हैं।
क्रम संपादकों ने तय नहीं किया, वह पाठकों के वोट से बनता है। इसलिए सिर्फ़ नंबर देखकर फैसला न करें। कार्ड खोलिए, प्लस और माइनस पढ़िए, नीचे लिखे अनुभव देखिए, फिर अपनी जेब और अपने कमरे के हिसाब से चुनिए। जिस हारमोनियम ब्रांड पर भरोसा बने, उस पर अपना वोट भी छोड़ जाइए।
Bina की 17 STD रोज़ के रियाज़ वाली पेटी है, दिखावे वाली नहीं। साढ़े तीन सप्तक, 9 स्टॉप, 4 अतिरिक्त सुर, डबल रीड और कपलर एक साथ मिलते हैं। बेलो मल्टीफोल्ड है, इसलिए हवा भरना हल्का पड़ता है और सुर बीच में टूटता नहीं। चाबियों पर ग्लास फ्रेम, चमकते निकल वाले नॉब और पीतल का डबल बैक वाल्व लगा है। बॉडी पाइन लकड़ी की है और साथ में शेप वाला फुल कवर तथा बैग आता है।
घर पर सीखने वालों, भजन मंडली और छोटे मंच के लिए यह ठीक बैठती है। पाइन नरम लकड़ी है, इसलिए ढुलाई में हल्के निशान पड़ना आम बात है। बाज़ार में Bina के नाम वाली नकली पेटियाँ भी घूमती हैं, इसलिए विक्रेता देखकर ही ऑर्डर करें।
यह फोल्डिंग पेटी है, यानी ढक्कन मोड़कर डिब्बे जैसी बन जाती है और गाड़ी में आसानी से रख जाती है। 42 चाबियाँ, साढ़े तीन सप्तक, दो रीड सेट (बास और मेल) और कपलर मिलता है। बॉडी सूखी भारतीय लकड़ी कैल तथा देवदार से बनती है, बेलो मल्टीफोल्ड है। कंपनी हवा के रिसाव की जाँच करके भेजने का दावा करती है, जिससे सुर लंबा खिंचता है। पैडेड कैरी बैग साथ आता है।
यात्रा करने वाले कीर्तन जत्थे और क्लास ले जाने वाले छात्रों के लिए यह सही है। जिन्हें भारी टीक बॉडी और गहरा बास चाहिए, उन्हें यह हल्की लगेगी। एक ही नाम से कई मॉडल बिकते हैं, इसलिए चाबियों की संख्या और स्टॉपर गिनकर ही कार्ट में डालें।
सस्ते दाम में पूरी 42 चाबियों वाली पेटी चाहिए तो यह मॉडल गिनती में आता है। इसमें डबल बेलो और दो रीड सेट हैं, एक बास और एक मेल, साथ में कैरी बैग मिलता है। ब्रांड का 39 चाबियों वाला 7 स्टॉपर मॉडल Flipkart पर करीब दस हज़ार रुपये में लिस्ट रहता है, यानी शुरुआत करने वालों के बजट में। फ़िनिश साधारण है, ज़ोर आवाज़ और मज़बूती पर रखा गया है।
पहली पेटी, स्कूल की कक्षा या मंदिर की मंडली के लिए यह ठीक विकल्प है। मंच पर रोज़ बजाने वाले पेशेवर को रीड की गुणवत्ता कम लग सकती है। मिलते ही एक बार ट्यूनर से जाँच करा लेना समझदारी होगी, क्योंकि लंबी ढुलाई में सुर बैठ जाता है।
यह स्केल चेंजर पेटी है: पूरा कीबोर्ड सरककर स्केल बदल देता है, गायक की आवाज़ के हिसाब से। 3.75 सप्तक, 9 स्केल, कपलर और पालीताना रीड के तीन सेट लगे हैं, बॉडी टीक की है। Flipkart पर पालीताना रीड वाला संस्करण करीब उनतालीस हज़ार रुपये में और प्रीमियर रीड वाला उससे ऊपर लिस्ट रहता है। बेलो सात फोल्ड का है, इसलिए हवा लंबी चलती है।
गायकों के साथ संगत करने वालों और शास्त्रीय कक्षा वालों के लिए यह काम की चीज़ है। वज़न ज़्यादा है, इसे रोज़ स्कूटर पर ढोना मुश्किल होगा। स्केल चेंजर का ढाँचा नाज़ुक होता है, झटका लगने पर मैकेनिज़्म अटक सकता है, इसलिए घर में एक जगह टिकाकर रखने वालों के लिए ही ठीक है।
चूड़ीदार बेलो वाली फोल्डिंग पेटी, 42 चाबियाँ, 9 स्टॉपर, साढ़े तीन सप्तक और कपलर। रीड दो लाइन की हैं, बास और मेल, ट्यूनिंग 440 पर बताई जाती है। सात फोल्ड का बेलो हवा अच्छी पकड़ता है और सुर देर तक खिंचता है। मुफ़्त पैडेड बैग साथ आता है, इसी ब्रांड की 39 सुर वाली सस्ती पेटी करीब आठ हज़ार रुपये में लिस्ट रहती है।
भजन संध्या, घर की महफ़िल और शुरुआती अभ्यास के लिए दाम के हिसाब से ठीक बैठती है। लकड़ी और पॉलिश महँगी पेटियों जैसी नहीं है, नज़दीक से देखने पर जोड़ दिख जाते हैं। बिक्री सिर्फ़ ऑनलाइन है, इसलिए कुछ गड़बड़ हो तो रिटर्न विंडो के भीतर ही जाँच लें।
छात्रों वाली सीधी सादी पेटी: 39 चाबियाँ, सवा तीन सप्तक, 7 स्टॉपर और डबल बेलो। रीड दो लाइन की हैं, बास और मेल, चाबियों पर लकड़ी का फ्रेम लगा है और बॉडी टीक बताई जाती है। साथ में कवर और कैरी बैग आता है, ब्रांड सात फोल्ड बेलो वाला संस्करण भी अलग से बेचता है। डिज़ाइन सिटिंग स्टाइल का है, ज़मीन पर बैठकर बजाने वालों के लिए।
पहली बार सीखने वाले बच्चे, गुरुकुल और गली मोहल्ले की भजन मंडली के लिए ठीक है। 39 चाबियों में ऊपर के कुछ सुर नहीं मिलते, शास्त्रीय संगत करने वाले को कमी खलेगी। कपलर इस मॉडल में नहीं है, वह चाहिए तो ब्रांड का 42 चाबियों वाला संस्करण देखना पड़ेगा।
कोलकाता शैली की पोर्टेबल पेटी, 42 चाबियाँ, साढ़े तीन सप्तक और दो लाइन पालीताना रीड (बास तथा मेल)। Flipkart पर यह करीब छब्बीस हज़ार रुपये में लिस्ट रहती है, यानी छात्र पेटियों से ऊपर और स्केल चेंजर से नीचे। रीड हाथ से बैठाई जाती है, इसलिए आवाज़ में भारीपन आता है। यही ब्रांड तीन लाइन टीक वाला मॉडल और 13 स्केल चेंजर भी बनाता है, जिनका दाम काफ़ी ऊपर जाता है।
गाने वालों और रिकॉर्डिंग करने वालों को यह पसंद आएगी, क्योंकि सुर साफ़ बैठता है। नए छात्र के लिए दाम ज़्यादा है, इतने में दो साधारण पेटियाँ आ जाती हैं। हाथ का काम होने से हर पीस थोड़ा अलग निकलता है, डिलीवरी के बाद सुर जाँच लेना ज़रूरी है।
टीक लकड़ी की लेइंग स्टाइल पेटी, साढ़े तीन सप्तक, 9 स्टॉपर और कपलर के साथ। Flipkart पर यह करीब पच्चीस हज़ार रुपये में लिस्ट रहती है और डिब्बे में बैग, किताब तथा सफ़ाई का कपड़ा साथ आता है। ब्रांड का चूड़ीदार बेलो वाला 42 चाबियों का मॉडल लगभग बीस हज़ार में और कलकत्ता प्रीमियम संस्करण तीस हज़ार के आसपास मिलता है। टीक बॉडी की वजह से आवाज़ भरी हुई लगती है।
मंदिर, संगीत विद्यालय और घर की गंभीर साधना के लिए यह अच्छी बैठती है। टीक भारी होता है, इसलिए बार बार ले जाने वालों को यह बोझ लगेगी। किताब बहुत काम की नहीं है, असली फ़ायदा लकड़ी और रीड का है।
दो लाइन पालीताना रीड वाली पोर्टेबल पेटी, साढ़े तीन सप्तक और 42 चाबियाँ, सात फोल्ड बेलो के साथ। बॉडी टून या पाइन लकड़ी की है, इसलिए वज़न टीक वाली पेटियों से कम रहता है। Flipkart पर यह करीब सोलह हज़ार रुपये में लिस्ट होती है और Amazon India पर भी इसका बॉक्स सेट मिलता है। रीड बास और मेल की जोड़ी में लगी है, ऊपर पूरा चेन कवर आता है।
जिनका बजट दस से बीस हज़ार के बीच है और जिन्हें पालीताना रीड चाहिए, उनके लिए यह बीच का रास्ता है। पाइन बॉडी सस्ती लकड़ी है, नमी वाले इलाके में उसका ध्यान रखना पड़ता है। भारी बास पसंद करने वालों को टीक मॉडल की तरफ़ जाना बेहतर रहेगा।
बैठकर बजाने वालों के लिए बनी पेटी: 42 चाबियाँ, 9 स्टॉपर, चूड़ीदार बेलो और कपलर। रीड दो लाइन की हैं, बास और मेल, ट्यूनिंग 440 पर बताई जाती है और पूरी बॉडी लकड़ी की है। साथ में कवर आता है, कीमत आमतौर पर दस हज़ार रुपये के आसपास रहती है। स्टॉपर ज़्यादा होने से आवाज़ को हल्का या भारी करने में सुविधा मिलती है।
भजन मंडली, कीर्तन और घर के अभ्यास के लिए यह सस्ता विकल्प है। पेशेवर संगत के लिए रीड की गहराई कम पड़ेगी। एक ही डिज़ाइन कई विक्रेता अलग नाम से बेचते हैं, इसलिए ऑर्डर करते समय स्टॉपर, चाबियाँ और भेजने वाले का नाम मिलाकर देख लें।