बिजली का बिल और डीज़ल का खर्च हर महीने जेब काटता है, इसलिए धूप से चलने वाला पंप अब गाँव और शहर दोनों जगह लोग खरीद रहे हैं। यहाँ खेती और घर के लिए सोलर वाटर पंप की ऐसी लिस्ट है, जिनमें हर मॉडल अभी Amazon या Flipkart पर बिक रहा है।
चुनाव करते समय सबसे पहले देखा गया कि पंप कितनी ऊँचाई तक पानी उठाता है और एक घंटे में कितने लीटर देता है। उसके बाद वोल्टेज और पैनल की ज़रूरत, मोटर का प्रकार यानी ब्रश स्क्रू या BLDC, कंट्रोलर और MPPT की सुविधा, आउटलेट का नाप, केबल की लंबाई और कीमत। बोरवेल के गहरे पानी के लिए अलग मॉडल हैं, टंकी भरने और तालाब से खेत तक पानी ले जाने के लिए अलग। जिन पंपों की लिस्टिंग बंद थी या जिनका पेज खाली पड़ा था, उन्हें शामिल नहीं किया गया।
क्रम यहाँ संपादकों ने तय नहीं किया, जगह पाठकों के वोट से बदलती रहती है। इसलिए सिर्फ नंबर मत देखिए। हर कार्ड में फायदे, कमियाँ और लोगों के अनुभव लिखे हैं, अपने बोरवेल की गहराई और पैनल के बजट से मिलाकर पढ़िए, तभी सही सोलर वाटर पंप चुना जा सकेगा।
सबसे छोटा और सबसे सस्ता मॉडल इसी तरह का होता है। 12 वोल्ट का यह पंप 150 वाट लेता है, 25 से 30 फुट तक पानी उठाता है और एक घंटे में करीब 4000 लीटर देता है। पाइप का नाप 1 इंच, बॉडी स्टेनलेस स्टील की, साथ में 2 मीटर केबल आती है। एक 12V का पैनल सीधे जोड़ दीजिए, बैटरी या 12V एडाप्टर से भी चल जाता है। Flipkart पर इसकी लिस्टिंग करीब 16,500 रुपये की रही है, Amazon पर दाम अक्सर इससे कम रहता है।
काम इसका सीधा है: कुएँ या टंकी से पानी खींचकर क्यारी, ड्रिप लाइन या छोटे हौद तक पहुँचाना। नर्सरी, छत की टंकी और डेयरी की नाँद के लिए ठीक बैठता है। गहरे बोरवेल में इसे मत उतारिए, 30 फुट से ऊपर पानी चढ़ाना इसके बस का नहीं। केबल छोटी है, पैनल दूर लगाना हो तो मोटी तार अलग से खरीदनी पड़ेगी।
यह स्क्रू यानी हेलिकल रोटर वाला पंप है, इसलिए पानी कम देता है पर ऊपर तक फेंकता है। 24 वोल्ट, 250 वाट, ऊँचाई 120 से 130 फुट, बहाव 1000 से 1500 लीटर प्रति घंटा, आउटलेट 1 इंच। वाइंडिंग तांबे की है। चलाने के लिए एक 24V का 325 वाट वाला पैनल काफी है, या 150 वाट के दो पैनल सीरीज़ में जोड़िए। 24V बैटरी से भी चलता है, काम करने की रेंज करीब 18 से 36 वोल्ट है।
छोटे बोरवेल और खुले कुएँ वाले घरों के लिए यह ठीक चुनाव है, जहाँ पानी 30 मीटर नीचे हो और टंकी छत पर हो। बूँद बूँद सिंचाई और सब्ज़ी की क्यारी भी सँभल जाती है। बहाव कम है, इसलिए बड़े खेत में क्यारी भरने का काम धीमा लगेगा। ब्रश और रबर स्टेटर घिसने वाले हिस्से हैं, दो तीन साल में बदलवाने पड़ते हैं, और रेत वाले पानी में जल्दी घिसते हैं।
ऊपर वाले 250 वाट मॉडल का बड़ा भाई। 350 वाट, 24 वोल्ट, ब्रशलेस मोटर और स्क्रू डिज़ाइन। ऊँचाई 180 से 190 फुट तक, बहाव 1700 से 2000 लीटर प्रति घंटा, आउटलेट 1 इंच। करंट 8.5 से 10 एम्पियर के बीच रहता है और वोल्टेज 24 से 36 तक चलता है। कंपनी 24V का 325 से 550 वाट का पैनल जोड़ने को कहती है, दो तीन पैनल पैरेलल में लगाने पर बहाव और बढ़ता है। एक वैरिएंट कंट्रोलर मोटर के अंदर ही देता है।
गहरे बोरवेल वाले किसानों के लिए यह सबसे काम का मॉडल है, खासकर वहाँ जहाँ पानी 50 मीटर नीचे चला गया हो। टंकी भरने, नाँद भरने और ड्रिप लाइन चलाने में दिन भर धूप में काम करता रहता है। ब्रशलेस मोटर होने से घिसाई कम है, पर वज़न और मोटाई ज़्यादा है, संकरे केसिंग वाले बोर में उतारने से पहले नाप ज़रूर देख लीजिए।
इस मॉडल में इम्पेलर लगे हैं, इसलिए ऊँचाई थोड़ी कम पर पानी की मात्रा ज़्यादा है। 24 वोल्ट, 250 वाट, हेड 90 से 100 फुट और बहाव 3000 से 4000 लीटर प्रति घंटा। आउटलेट 50 मिलीमीटर का है और डिब्बे में 1 इंच, 1.5 इंच तथा 2 इंच के तीन नोज़ल मिलते हैं, यानी अपनी पाइप के हिसाब से जोड़ लीजिए। Flipkart पर इसका दाम करीब 10,000 रुपये चल रहा है, वहाँ स्पेसिफिकेशन में बहाव 3000 से 5000 लीटर तक लिखा है।
खुले कुएँ, तालाब और मीडियम गहराई के बोरवेल के लिए यह अच्छा बैठता है। धान की क्यारी, गन्ने की सिंचाई और बड़ी टंकी भरने में तेज़ी दिखती है। सौ फुट से ज़्यादा गहरे पानी में इसे लगाने का फायदा नहीं, बहाव आधा रह जाएगा। एक बात और, इम्पेलर वाले पंप गंदे और कीचड़ भरे पानी में जल्दी जाम होते हैं, फ़िल्टर जाली साफ रखनी पड़ती है।
जहाँ पानी ऊपर उठाना नहीं, दूर तक बहाना है, वहाँ यही पंप चाहिए। 24 वोल्ट की BLDC मोटर, 350 वाट, हेड सिर्फ 30 से 35 फुट, पर बहाव 6000 से 8000 लीटर प्रति घंटा। 1 इंच और 2 इंच के नोज़ल साथ आते हैं। सीधे सोलर पैनल से या 24V बैटरी से चलता है, नदी, झील, खुले कुएँ, तालाब और मछली पालन के हौद में डुबोकर लगाने के लिए बनाया गया है।
धान, गेहूँ या चारे के खेत में नाली से पानी भरना हो, हौद बदलना हो या मछली के तालाब का पानी घुमाना हो तो यह ठीक रहेगा। खर्च भी उतना ही होता है जितनी धूप मिलती है। बोरवेल के लिए यह पंप नहीं है, 35 फुट के बाद पानी लगभग रुक जाता है। छत की टंकी दो मंज़िल ऊपर हो तो भी काम नहीं चलेगा, ऐसे में स्क्रू वाला मॉडल लेना बेहतर है।
यह 4 इंच का असली बोरवेल पंप है, वही नाप जो गाँव के केसिंग में उतरता है। 600 वाट, 72 वोल्ट, BLDC मोटर, हेड 250 फुट और बहाव करीब 3000 लीटर प्रति घंटा, आउटलेट 1.25 इंच। साथ में MPPT कंट्रोलर और टंकी का सेंसर किट मिलता है। सेंसर टंकी भरते ही पंप बंद कर देता है, इससे मोटर सूखी नहीं चलती। MPPT का फायदा यह है कि बादल वाले दिन भी पैनल से जितनी बिजली बन रही है, उतनी पूरी काम में आती है।
चार से छह पैनल लगाकर छोटे किसान इसे दिन भर चला सकते हैं, दो एकड़ तक की सिंचाई और गाँव की टंकी भरने का काम इससे निकल जाता है। शुरुआती खर्च ऊपर वाले 24 वोल्ट मॉडलों से काफी ज़्यादा बैठता है, क्योंकि पैनल भी ज़्यादा लगेंगे और स्टैंड भी। लगाने के लिए मिस्त्री चाहिए, अकेले आदमी का काम नहीं।
रेंज का सबसे ताकतवर मॉडल। 1100 वाट, 152 वोल्ट, 4 इंच का इम्पेलर पंप, हेड 500 फुट तक और बहाव 2000 से 3000 लीटर प्रति घंटा, आउटलेट 1.5 इंच। MPPT कंट्रोलर बाहर अलग बॉक्स में आता है, टंकी सेंसर किट भी साथ है। इतनी ऊँचाई पहाड़ी इलाकों और उन गाँवों के लिए है जहाँ जलस्तर बहुत नीचे चला गया है और 1 HP का साधारण पंप हार जाता है।
चलाने के लिए 1200 वाट से ऊपर के पैनल चाहिए, यानी 450 वाट के तीन पैनल सीरीज़ में। पूरा सेट पंप, पैनल, स्टैंड और तार मिलाकर महँगा पड़ता है, इसलिए ज़्यादातर लोग PM Kusum जैसी सब्सिडी योजना का इंतज़ार करते हैं। बहाव बहुत ज़्यादा नहीं है, इसका काम ऊँचाई है। घर की टंकी या छोटी क्यारी के लिए इतना बड़ा पंप लेना पैसे की बर्बादी होगी।
यहाँ पंप अकेला नहीं, पूरा सेट मिलता है। 0.5 HP का 24 वोल्ट DC सबमर्सिबल पंप, साथ में 200 वाट के दो सोलर पैनल, यानी 400 वाट। कंपनी 60 फुट तक की गहराई बताती है। Flipkart पर इस कॉम्बो का दाम करीब 88,000 रुपये है, अकेला 0.5 HP पंप वहीं करीब 64,800 रुपये में लिस्ट है। खरीदार को पैनल, तार और स्टैंड ढूँढ़ने की भागदौड़ नहीं करनी पड़ती, यही इसकी सबसे बड़ी सुविधा है।
छोटी जोत वाले किसान, नर्सरी और फार्महाउस के लिए यह ठीक है, जहाँ रोज़ एक दो टंकी भरनी हों। ऑनलाइन बिकने वाले 24 वोल्ट के चीनी पंपों से दाम बहुत ज़्यादा लगता है, पर यहाँ पैनल और कंपनी की सर्विस भी साथ है। ध्यान रहे, 60 फुट से नीचे पानी गया तो यह सेट कम पड़ेगा, और सब्सिडी वाली सरकारी योजना में यह मॉडल नहीं आता।
1 HP का सोलर पंप उस घर या खेत के लिए है जहाँ 0.5 HP से काम नहीं चलता। Flipkart पर Solar Universe India का यह मॉडल करीब 77,500 रुपये में लिस्ट है और डिलीवरी मुफ्त तथा कैश ऑन डिलीवरी के साथ आती है। कंपनी दिल्ली की है, 2003 से सोलर का काम कर रही है, इसलिए खराबी आने पर बात करने के लिए कोई तो है। पंप के साथ चलाने के लिए कंपनी अपना सोलर ड्राइव यानी VFD भी बेचती है।
एक एकड़ के आसपास की सिंचाई, डेयरी और छोटे स्कूल या मंदिर की टंकी भरने के लिए यह नाप सही बैठता है। खरीदने से पहले सेलर से यह ज़रूर पूछ लीजिए कि पैनल डिब्बे में हैं या अलग लेने हैं, क्योंकि लिस्टिंग में यह बात साफ नहीं लिखी। पूरा सिस्टम बनाने में 800 से 1200 वाट के पैनल लगेंगे, वह खर्च अलग जोड़कर चलिए।
दो हॉर्सपावर का सबमर्सिबल सोलर पंप, कंपनी 60 मीटर यानी करीब 200 फुट गहराई तक का दावा करती है। Flipkart पर दाम करीब 89,000 रुपये है। यह उन खेतों के लिए है जहाँ पानी नीचे है और रोज़ कई घंटे पंप चलाना पड़ता है। साथ में कंपनी 2 HP तक के पंप के लिए अपना सोलर VFD ड्राइवर भी बेचती है, जिसमें LCD डिस्प्ले है और 200 से 380 वाट के आठ या उससे ज़्यादा पैनल जोड़े जा सकते हैं।
तीन चार एकड़ की सिंचाई, बगीचे और पशुओं के लिए पानी, यह सब इस नाप से निकल जाता है। खर्च देखिए तो सिर्फ पंप का दाम 89,000 है, पैनल और स्टैंड मिलाकर पूरा सिस्टम दो लाख के पास पहुँच सकता है। जिनके पास बिजली का कनेक्शन पहले से है, उन्हें हिसाब लगाकर देखना चाहिए कि बचत कितने साल में लौटेगी।