कृष्णदास शामा गोवा राज्य केंद्रीय पुस्तकालय की शुरुआत 1832 में पुर्तगाली शासन के दौरान "पब्लिका लिव्रारिया" के रूप में हुई थी, और इसे भारत का पहला सार्वजनिक पुस्तकालय बताया जाता है। 2012 में यह पणजी के पट्टो में बनी नई इमारत में आया, जहाँ 12,100 वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्र और 27 खंड हैं। संग्रह तीन लाख से ज़्यादा किताबों का है: अंग्रेज़ी, हिंदी, मराठी, कोंकणी और पुर्तगाली में। पूरी इमारत वातानुकूलित है, आरएफ़आईडी आधारित चेक इन कियोस्क और बुक ड्रॉप बॉक्स से किताब लौटाना तेज़ हो जाता है।
परिवार के साथ आने वालों के लिए दूसरी मंज़िल का बाल खंड सबसे मज़बूत हिस्सा है, वहाँ लगभग 22,800 किताबें, खिलौने और खेल हैं; दृष्टिबाधित पाठकों के लिए ब्रेल किताबें, ब्रेल पत्रिकाएँ, मानचित्र और चार्ट अलग रखे गए हैं। पणजी बस स्टैंड के पास होने से पहुँच आसान है। जिन्हें बहुत विशिष्ट शोध सामग्री चाहिए, उन्हें गोवा और कोंकणी केंद्रित संग्रह से आगे बाहर देखना पड़ेगा।
पता: संस्कृति भवन, पट्टो, पणजी, गोवा 403001
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