जूते फटे, सोल घिस गया, हील टूट गई। ऐसे में नई जोड़ी खरीदने की जल्दी करने से पहले मरम्मत का रास्ता देखना समझदारी है। यह रेटिंग उन लोगों के लिए है जो अपने पसंदीदा स्नीकर, चमड़े के फॉर्मल शू या महंगी सैंडल को फेंकना नहीं चाहते। यहाँ भारत की उन जूता मरम्मत दुकानों को इकट्ठा किया गया है जो सिलाई, सोल बदलने, रंग चढ़ाने और गहरी सफाई का काम करती हैं, और जिनसे ऑर्डर देना आसान है।
चुनते समय कुछ सीधी बातें देखी गईं। पहली, काम का दायरा: सिर्फ धुलाई या असली मरम्मत भी, जैसे सोल, ज़िप, अस्तर और पॉलिश। दूसरी, कवरेज: कितने शहरों में पिकअप और डिलीवरी मिलती है, कूरियर से भेजने की सुविधा है या नहीं। तीसरी, भरोसा: दुकान कितने साल से चल रही है, ग्राहक समीक्षाएँ क्या कहती हैं, महंगे ब्रांड के जूतों पर हाथ डालने का अनुभव है या नहीं। चौथी, पारदर्शिता: पहले अनुमान बताना, काम के बाद भुगतान, वापसी का समय।
क्रम पत्थर पर लिखा नहीं है। जगह समुदाय के वोट से तय होती है, इसलिए ऊपर वही आता है जिसे लोग खुद आगे रखते हैं। हर कार्ड में सेवा का ब्योरा, प्लस, माइनस और संपर्क दिए गए हैं। पढ़ें, समीक्षाएँ देखें, फिर अपने शहर और अपने जूते के हिसाब से चुनें। और अपना अनुभव जोड़ना न भूलें, उससे अगला पाठक बचता है।
चमड़े की देखभाल में यह नाम दिल्ली से शुरू हुआ और अब देश के कई शहरों तक पहुँच गया है: मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, चंडीगढ़। परिवार का चमड़े का काम पुराना है, स्टूडियो में साठ के करीब कारीगर बताए जाते हैं। जूतों के लिए यहाँ सिर्फ धुलाई नहीं होती: सोल और अंडरसोल का काम, इनसोल, लेस और अस्तर की सफाई, दुर्गंध हटाना, रंग चढ़ाना, ज़िप बदलना। बैग, जैकेट और सोफे का भी वही स्टूडियो देखता है।
महंगे स्नीकर और डिज़ाइनर जूतों वाले लोगों के लिए ठीक बैठता है, क्योंकि सामग्री देखकर तरीका चुना जाता है। जिनके पास साधारण जोड़ी है और खर्च कम रखना है, उनके लिए यह भारी पड़ सकता है। काम में तीन से सात दिन लग जाते हैं। नकली नाम से चलती वेबसाइटों की चेतावनी कंपनी खुद देती है, इसलिए बुकिंग सीधे आधिकारिक साइट या दिए नंबर से करें।
नई दिल्ली
दिल्ली एनसीआर में 2013 से चल रहा स्टूडियो, दो दुकानें: सुल्तानपुर मंडी रोड और पंचशील पार्क की आरबीआई कॉलोनी मार्केट। यहाँ पुराने मोची की कारीगरी और नए रेस्टोरेशन औज़ार साथ चलते हैं। स्नीकर लॉन्ड्री, सोल बदलना, हील का काम, रंग की मरम्मत, ज़िप बदलना, चमड़े के बैग और जैकेट की बहाली, सब एक ही छत के नीचे। एनसीआर में मुफ्त पिकअप और डिलीवरी मिलती है।
जिन लोगों के पास ब्रांडेड स्नीकर या महंगा चमड़े का सामान है, उनके लिए यह सही जगह है: काम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार आते हैं, इससे अंदाज़ा लगाना आसान होता है। दिल्ली से बाहर रहने वालों को कूरियर पर निर्भर रहना पड़ेगा। ईमेल की जगह कॉल या व्हाट्सएप से बात जल्दी बनती है, और भीड़ के दिनों में तारीख आगे खिसक सकती है।
शॉप नंबर 2, सुल्तानपुर मंडी रोड, नई दिल्ली
मुंबई की शू लॉन्ड्री, 2016 से चल रही है, बोरीवली पश्चिम में बेस। जूतों की ड्राई क्लीनिंग के साथ मरम्मत भी: सोल चिपकाना और बदलना, हील रिपेयर, सिलाई, बैग की सफाई और बैग रिपेयर। कम से कम तीन जोड़ी पर मुफ्त पिकअप और ड्रॉप है। ऑर्डर उठने के बाद रजिस्टर्ड ईमेल और नंबर पर पुष्टि और इनवॉइस आती है, भुगतान काम के बाद किया जा सकता है।
अंधेरी, मलाड, बोरीवली, नवी मुंबई और आसपास रहने वालों के लिए सुविधाजनक। जस्टडायल पर तीन सौ से ज़्यादा समीक्षाएँ हैं, रेटिंग ऊँची चलती है। कमी यह है कि एक जोड़ी भर के लिए मुफ्त पिकअप नहीं मिलेगा, और मुंबई से बाहर सेवा सीमित है। बहुत महंगे डिज़ाइनर चमड़े के लिए पहले तस्वीरें भेजकर राय लेना बेहतर रहेगा।
साईबाबा नगर, बोरीवली पश्चिम, मुंबई
दिल्ली की पुरानी शैली की मरम्मत दुकान, विधानसभा मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 3 के पास। काम का तरीका सीधा है: जूते की दोनों तरफ की तस्वीरें भेजो, अनुमान मिल जाएगा, फिर कूरियर या पिकअप से जोड़ी भेजो। पूरे भारत में सेवा है, माँगने पर पिक और ड्रॉप। सोल बदलना, वेल्ट सिलाई, चमड़े की पैचिंग, रंग और पॉलिश, ब्रोग और ऑक्सफ़ोर्ड जैसे फॉर्मल जूतों का काम यहाँ का मज़बूत हिस्सा है।
चमड़े के फॉर्मल जूते और बूट रखने वालों के लिए यह भरोसे की जगह है, क्योंकि पहले दाम बता देने की आदत ग्राहक को निश्चिंत रखती है। दुकान सुबह नौ से शाम छह तक खुलती है, रविवार बंद, इसलिए काम के दिनों में ही बात बनेगी। जिन्हें एक दिन में जोड़ी वापस चाहिए, उनके लिए कूरियर वाला रास्ता धीमा लगेगा।
विधानसभा मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 3 के पास, नई दिल्ली
दिल्ली में 2010 में शुरू हुई सेवा, संस्थापक रवींद्र कुमार। शू लॉन्ड्री का चलन यहाँ जल्दी पकड़ा गया, और आज जूतों के साथ बैग, पर्स, बेल्ट और चमड़े की जैकेट का काम भी होता है। मरम्मत में सोल बदलना, हील टिप, सिलाई और ज़िप शामिल हैं। सफाई में स्वेड और नुबक जैसी नाज़ुक सामग्री अलग तरीके से देखी जाती है। दिल्ली एनसीआर में मुफ्त पिकअप और ड्रॉप है।
रोज़ पहनने वाले ऑफिस के जूतों और स्कूल शूज़ के लिए सस्ता और व्यावहारिक विकल्प। समीक्षाओं में सोल बदलने और चमकाने की तारीफ ज़्यादा दिखती है। बहुत महंगे लिमिटेड एडिशन स्नीकर के लिए लोग आम तौर पर प्रीमियम स्टूडियो चुनते हैं। साइट पर दाम की पूरी सूची नहीं है, इसलिए फोन या ईमेल पर अनुमान पहले ले लेना ठीक रहेगा।
नई दिल्ली
दिल्ली एनसीआर में घर से जूते उठाकर मरम्मत करने वाली सेवा। कवरेज में नई दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाज़ियाबाद आते हैं। काम की सूची लंबी है: घिसा सोल बदलना, हील और टिप, सिलाई, फीका पड़ा चमड़ा फिर रंगना, गहरी सफाई और डियोडराइज़िंग। बैग और सूटकेस की छोटी मरम्मत भी ले लेते हैं। बुकिंग के लिए नंबर और ईमेल दोनों खुले रखे गए हैं।
जिन्हें दुकान तक जाने का समय नहीं मिलता, उनके लिए डोरस्टेप पिकअप बड़ी राहत है। सेवा का पूरा ढाँचा एनसीआर पर टिका है, दूसरे शहरों वालों को कोई फायदा नहीं। साइट पर सेवाओं की भरमार है लेकिन दाम साफ नहीं दिखते, इसलिए जोड़ी सौंपने से पहले लिखित अनुमान माँग लें। भारी रेस्टोरेशन में समय भी पूछ लेना चाहिए।
नई दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाज़ियाबाद
चमड़े के काम में चार दशक से ज़्यादा का अनुभव बताने वाला परिवारिक कारोबार। शाखाएँ दिल्ली के एंड्रयूज गंज, मुंबई के गोरेगाँव, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में हैं। जूतों में महिलाओं की हील और सैंडल की मरम्मत, सोल बदलना, स्ट्रैप और बकल का काम, चमड़े की सफाई और रंग की बहाली होती है। बेल्ट, बैग, जैकेट और चमड़े के सोफे भी यही कारीगर देखते हैं।
नाज़ुक हील, पतली स्ट्रैप और डिज़ाइनर लेडीज़ फुटवियर के लिए यह ठीक पता है, क्योंकि हाथ का काम इनकी पहचान है। स्नीकर की फैशन वाली गहरी सफाई इनका मुख्य ज़ोर नहीं। संपर्क के लिए साइट पर फोन और व्हाट्सएप एक ही नंबर है, ईमेल सामने नहीं दिखता, इसलिए तस्वीरें व्हाट्सएप पर भेजकर बात करनी होगी।
एफ ब्लॉक रोड नंबर 3, एंड्रयूज गंज, नई दिल्ली
देहरादून से चलने वाला ब्रांड, गुरुग्राम के साइबरसिटी में भी दफ्तर है। काम जूतों की सफाई और मरम्मत के साथ बैग और लक्ज़री सामान की देखभाल तक फैला है। फ्रैंचाइज़ी मॉडल पर आगे बढ़ रहे हैं, इसलिए छोटे शहरों में भी आउटलेट खुलते जा रहे हैं। सामान्य पूछताछ, फीडबैक और फ्रैंचाइज़ी के लिए अलग ईमेल पते रखे गए हैं, यह बात व्यवस्था के लिहाज़ से अच्छी है।
उत्तराखंड और एनसीआर में रहने वालों के लिए यह सुविधाजनक विकल्प है, खासकर उन्हें जो सफाई और छोटी मरम्मत एक साथ चाहते हैं। भारी रेस्टोरेशन, जैसे पूरा सोल बदलना, हर आउटलेट पर एक जैसा नहीं होता, क्योंकि फ्रैंचाइज़ी में गुणवत्ता जगह पर निर्भर करती है। फोन नंबर के बजाय ईमेल और फॉर्म से संपर्क आसान है।
प्लॉट नंबर 4, स्पेशल विंग, चकराता रोड, प्रेमनगर, देहरादून
मुंबई का लॉन्ड्री स्टार्टअप, जिसका ज़ोर जूते, बैग और हेलमेट पर है। साइट पर पंद्रह हज़ार से ज़्यादा ग्राहकों का दावा है। जूतों में गहरी सफाई, सोल की मरम्मत, सिलाई, रंग और आकार की बहाली शामिल है। बुकिंग व्हाट्सएप चैट से होती है, एडवांस भुगतान नहीं लिया जाता, और जल्दी चाहिए तो एक्सप्रेस डिलीवरी का विकल्प है। पिकअप और डिलीवरी पूरे मुंबई में।
जिन्हें झंझट कम और बात सीधी चाहिए, उनके लिए यह तरीका आरामदायक है: चैट खोलो, समय तय करो, जोड़ी उठ जाएगी। हेलमेट की सफाई भी साथ करा लेना बाइक वालों के लिए फायदे का सौदा है। कमी साफ है: सेवा मुंबई तक सीमित है और साइट पर ईमेल तथा पूरा फोन नंबर आसानी से नहीं मिलता, संपर्क का रास्ता ज़्यादातर व्हाट्सएप ही है।
मुंबई
बेंगलुरु की लॉन्ड्री कंपनी, स्पिन साइकल्स लॉन्ड्री सॉल्यूशंस का हिस्सा, अपनी प्रोसेसिंग यूनिट कडुगोडी में। दस साल से ज़्यादा का काम बताया जाता है। कपड़ों के साथ जूतों की सफाई और मरम्मत अलग सेवा है: सोल, ज़िप, पैचवर्क, स्ट्रैप और बकल बदलना, चमड़े का स्पा। बैग और ट्रॉली सूटकेस की मरम्मत भी सूची में है। ऑर्डर वेबसाइट या ऐप से दिया जा सकता है, समय सुबह दस से रात नौ, बुधवार बंद।
बेंगलुरु में रहने वालों के लिए यह सुविधाजनक है क्योंकि एक ही जगह से कपड़े, जूते और बैग निपट जाते हैं, और स्टोर शहर के कई इलाकों में हैं। जिनका काम बहुत बारीक रेस्टोरेशन है, उन्हें विशेष चमड़ा स्टूडियो बेहतर लगेगा। बुधवार की छुट्टी का ध्यान रखें, वरना पिकअप का दिन बेकार जाता है।
कडुगोडी इंडस्ट्रियल एरिया, व्हाइटफील्ड रोड, बेंगलुरु