दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी 27 अक्तूबर 1951 को यूनेस्को की पायलट परियोजना के तौर पर शुरू हुई और जवाहरलाल नेहरू ने इसका उद्घाटन किया था। आज यह संस्कृति मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्था है, नेटवर्क में करीब 37 शाखाएँ हैं, और संग्रह अठारह लाख किताबों से ऊपर पहुँच चुका है, जिनमें हिंदी, अंग्रेज़ी, उर्दू, पंजाबी और संस्कृत की सामग्री शामिल है। ब्रेल पुस्तकालय, तिहाड़ जेल की शाखा, पुनर्वास कॉलोनियों की छोटी इकाइयाँ और चलती-फिरती मोबाइल लाइब्रेरी बसें इसे बाकी सरकारी पुस्तकालयों से अलग करती हैं।
दिल्ली में रहने वाले छात्र के लिए बड़ा फ़ायदा यह है कि शाखा घर के पास मिल जाती है और सदस्य बनकर किताब उधार ली जा सकती है। कमज़ोरी प्रक्रिया में है: फ़ॉर्म पर ज़िम्मेदार व्यक्ति का सत्यापन चाहिए, और कई पुरानी शाखाओं में जगह तथा साज-सज्जा की हालत औसत है। परीक्षा के मौसम में केंद्रीय शाखा के वाचनालय में कुर्सी मिलना मुश्किल होता है।
पता: दिल्ली, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग, पुरानी दिल्ली 110006
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