1836 में कलकत्ता पब्लिक लाइब्रेरी के रूप में शुरू हुआ यह संस्थान 1903 में इम्पीरियल लाइब्रेरी बना और 1 फ़रवरी 1953 को राष्ट्रीय पुस्तकालय के नाम से पूरे देश के लिए खोला गया। संस्कृति मंत्रालय के अधीन चलता है, संग्रह बीस लाख से ऊपर है और भारत में छपी हर महत्वपूर्ण सामग्री की एक प्रति यहाँ जमा होती है। भाषा भवन, दुर्लभ पुस्तक विभाग, पांडुलिपि खंड और नक़्शों का संग्रह अलग-अलग इमारतों में बँटे हैं। अठारह साल से ऊपर का कोई भी नागरिक निःशुल्क सदस्य बन सकता है, पंजीकरण फ़ॉर्म वेबसाइट से भी भरा जा सकता है।
शोध करने वालों और पुराने अख़बारों, सरकारी दस्तावेज़ों, दुर्लभ ग्रंथों तक पहुँचने वालों के लिए इससे बेहतर पता देश में नहीं है। जो पाठक हल्का उपन्यास लेकर शाम बिताना चाहता है, उसे यहाँ की औपचारिकताएँ भारी लगेंगी। बेल्वेडियर एस्टेट का परिसर बड़ा है, पहली बार आने पर विभाग ढूँढ़ने में समय लगता है, और ऑनलाइन कैटलॉग रखरखाव के चलते कभी-कभी बंद रहता है।
पता: कोलकाता, बेल्वेडियर रोड, अलीपुर, पश्चिम बंगाल 700027
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