तिरुवनंतपुरम का राज्य केंद्रीय पुस्तकालय, जिसे लोग त्रिवेंद्रम पब्लिक लाइब्रेरी भी कहते हैं, 1829 में स्वाति तिरुनाल महाराजा के समय बना और देश के सबसे पुराने पुस्तकालयों में गिना जाता है। 1898 में यह आम जनता के लिए खुला और 1958 में इसे राज्य केंद्रीय पुस्तकालय का दर्जा मिला; पालयम की गॉथिक शैली की इमारत अपने आप में शहर की निशानी है। सदस्यता की जमा राशि श्रेणी के हिसाब से सौ रुपये से पंद्रह सौ रुपये तक है, मासिक चंदा नहीं लिया जाता, और सदस्यता छोड़ने पर जमा राशि वापस मिल जाती है। देर से किताब लौटाने पर प्रतिदिन एक रुपया जुर्माना लगता है।
मलयालम साहित्य, संदर्भ ग्रंथ और अख़बारों के पुराने अंक खोजने वालों के लिए यह केरल का मुख्य पता है, और यहीं से पुस्तकालय विज्ञान का सर्टिफ़िकेट कोर्स भी चलता है। श्रेणी के अनुसार एक बार में मिलने वाली किताबों की संख्या तय है, संग्रह मलयालम की ओर झुका है, और ऑनलाइन सेवाएँ सीमित हैं।
पता: तिरुवनंतपुरम, महात्मा गांधी रोड, पालयम, केरल 695033
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