केरल में पंचकर्म कराने का मन है, पर समझ नहीं आता कि किस केंद्र पर भरोसा करें? यह सूची उन्हीं पाठकों के लिए है, जो दो या तीन हफ्ते की छुट्टी लेकर शरीर की सफाई और इलाज के लिए दक्षिण जाने की सोच रहे हैं। यहाँ केरल के पंचकर्म रिट्रीट सेंटर एक जगह रखे गए हैं, ताकि जगह, माहौल, खर्च और इलाज की गहराई की तुलना आराम से हो सके।
चुनाव में कुछ बातें तय मानी गईं: केंद्र केरल में ही हो, आवासीय हो, वहाँ पंजीकृत वैद्य रोज़ देखते हों और कार्यक्रम कम से कम एक हफ्ते का हो। इसके बाद देखा गया कि NABH या केरल पर्यटन का ग्रीन लीफ जैसा प्रमाण है या नहीं, दवाएँ अपनी फार्मेसी की हैं या बाहर से आती हैं, रसोई इलाज के हिसाब से पथ्य भोजन देती है या सामान्य रिसॉर्ट मेन्यू, और किराया प्रति दिन किस दायरे में बैठता है। महँगे महल जैसे ठिकाने और सादे बजट अस्पताल, दोनों जान-बूझकर रखे गए हैं।
क्रम संपादकीय फ़ैसला नहीं है: पहला कौन रहेगा, यह पाठकों के वोट तय करते हैं, इसलिए सूची समय के साथ बदलती रहती है। हर कार्ड में खूबियों के साथ कमियाँ भी लिखी हैं, क्योंकि लंबा इलाज कराने जा रहे व्यक्ति के लिए कमियाँ ज़्यादा काम की होती हैं। बुकिंग से पहले कार्ड के नीचे आए ताज़ा अनुभव ज़रूर पढ़ें और अपना वोट भी दर्ज करें।
1985 में बेबी मैथ्यू ने इसे शुरू किया था और इसे दुनिया का पहला आयुर्वेद रिसॉर्ट माना जाता है। अरब सागर के ऊपर एक ढलान पर बनी यह संपत्ति अस्पताल और छुट्टी वाले ठिकाने का मेल है: NABH मान्यता प्राप्त आयुर्वेद अस्पताल, अपनी दवा इकाई, और पास ही सहयोगी संपत्ति मनलथीरम। केरल सरकार कई बार इसे राज्य का सर्वश्रेष्ठ आयुर्वेद केंद्र घोषित कर चुकी है, और मेहमानों का बड़ा हिस्सा जर्मनी, स्विट्ज़रलैंड तथा रूस से आता है।
यहाँ आमतौर पर 14 से 28 दिन के पंचकर्म कार्यक्रम लिए जाते हैं, रोज़ वैद्य की जाँच, नाड़ी परीक्षा और तय पथ्य भोजन के साथ। जिन्हें समुद्र, बगीचा और पारंपरिक केरल शैली की कॉटेज पसंद हैं, उनके लिए जगह ठीक बैठती है। जो सात दिन में चमत्कार चाहते हैं या शराब, तला भोजन और देर रात की आज़ादी छोड़ना नहीं चाहते, उन्हें यहाँ अनुशासन भारी लगेगा।
चोवरा, कोवलम से दक्षिण, तिरुवनंतपुरम, केरल 695501
पालक्काड की पहाड़ियों के पास 65 एकड़ में फैला यह गाँवनुमा केंद्र कैराली आयुर्वेदिक ग्रुप की मुख्य संपत्ति है, जिसकी दवा परंपरा दिल्ली और केरल दोनों जगह फैली हुई है। परिसर में तीस अलग-अलग विला हैं, हर विला ग्रह और वास्तु की गणना से बनाया गया बताया जाता है। NABH प्रमाणित यह केंद्र नैशनल जियोग्राफ़िक ट्रैवलर की वेलनेस सूचियों और वर्ल्ड ट्रैवल अवॉर्ड्स में जगह पा चुका है।
पंचकर्म के साथ योग, ध्यान और कलारी अभ्यास भी दिनचर्या का हिस्सा हैं, भोजन शाकाहारी और दोष के हिसाब से तय होता है। हवाई अड्डा कोयंबटूर करीब पड़ता है, कोच्चि से सड़क का सफ़र लंबा है, यह बात यात्रा की योजना बनाते समय याद रखनी चाहिए। समुद्र तट पसंद करने वालों के लिए यह जगह नहीं है: चारों ओर नारियल, धान और पहाड़ी हवा है, लहरें नहीं।
ओलास्सेरी, कोडुम्बु पी.ओ., पालक्काड, केरल 678551
वेंगुनाड राजपरिवार के पुराने महल में चलने वाला यह केंद्र सीजीएच अर्थ समूह का आयुर्वेद अस्पताल है। यहाँ न्यूनतम ठहराव चौदह दिन का है, और नियम कड़े हैं: मांस, शराब, चमड़ा और तंबाकू परिसर में नहीं, मेहमान सूती वस्त्र पहनते हैं, दिन सुबह की प्रार्थना और योग से शुरू होता है। पालक्काड के कोल्लेंगोड में, नेल्लियाम्पथी पहाड़ियों की छाया में बना परिसर किसी होटल से ज़्यादा आश्रम जैसा लगता है।
गठिया, रीढ़ की तकलीफ़, तनाव और नींद की गड़बड़ी वाले मरीज़ यहाँ लंबे कार्यक्रम के लिए आते हैं; उपचार वैद्य तय करते हैं, मेहमान की पसंद से मेन्यू नहीं बदलता। छुट्टी मनाने, घूमने या परिवार के साथ हल्की सैर की सोच रखने वालों को यह अनुशासन भारी पड़ेगा। कीमत भी केरल के औसत आयुर्वेद केंद्रों से काफ़ी ऊपर बैठती है।
पय्यल्लूर, कोल्लेंगोड, पालक्काड, केरल 678506
मरारी समुद्रतट पर बना यह रिसॉर्ट चालीस विलाओं का है, जिनमें कई के साथ निजी पूल है। आयुर्वेद विभाग को यहाँ आर्यवैद्यशाला कहा जाता है और पंचकर्म के अलावा प्राकृतिक चिकित्सा, मर्म तथा योग सत्र भी चलते हैं। फ़ोर्ब्स ने 2017 में इसे वेलनेस ठिकानों की अपनी सूची में गिना था, और मेहमानों की समीक्षाओं में चौदह दिन के पंचकर्म कार्यक्रम बार-बार दिखते हैं।
यह उन लोगों के लिए बना है जो इलाज तो चाहते हैं, पर आराम से समझौता नहीं करना चाहते: बड़ी विला, समुद्रतट, नाव की सैर और अच्छी रसोई। जिन्हें सख़्त अस्पताल जैसा माहौल चाहिए, उन्हें यहाँ का रिसॉर्ट रंग कुछ हल्का लग सकता है। अलप्पुषा के बैकवाटर पास हैं, कोच्चि हवाई अड्डा लगभग दो घंटे दूर।
मरारीकुलम, चेन्नवेली, चेती पी.ओ., अलप्पुषा, केरल 688530
त्रिशूर के थलिकुलम गाँव में, स्नेहतीरम तट के पास बना यह रिट्रीट सीताराम आयुर्वेद परिवार की सौ साल पुरानी दवा परंपरा से जुड़ा है; रिट्रीट खुद 1993 से मेहमान ले रहा है और NABH मान्यता प्राप्त है। दवाएँ समूह की अपनी फार्मेसी से आती हैं, जो इस सूची के कई केंद्रों से इसे अलग करता है। समूह का एक पहाड़ी केंद्र मुन्नार में भी चलता है, इसलिए कुछ मेहमान समुद्र और पहाड़ दोनों मिलाकर कार्यक्रम बनवाते हैं।
कार्यक्रम आमतौर पर सात दिन से शुरू होकर तीन हफ़्ते तक जाते हैं, रोज़ वैद्य की जाँच, योग सत्र और शाकाहारी पथ्य भोजन के साथ। परिसर छोटा और शांत है, जिन्हें बड़ी सुविधाओं वाला पाँच सितारा ढाँचा चाहिए, उन्हें यह सादा लगेगा। कोच्चि हवाई अड्डा लगभग 60 किलोमीटर दूर पड़ता है।
नंबिकडवु रोड, स्नेहतीरम बीच के पास, थलिकुलम, त्रिशूर, केरल 680569
त्रिशूर के नाट्टिका तट पर नारियल के बगीचों के बीच बना यह रिसॉर्ट NABH मान्यता और केरल पर्यटन के ग्रीन लीफ़ दर्जे, दोनों का दावा करता है। इलाज विभाग को स्वस्थ नाम दिया गया है, जहाँ पंचकर्म, कायाकल्प और वजन घटाने के कार्यक्रम चलते हैं; परिसर में अपना जड़ी-बूटी बगीचा है और रसोई आयुर्वेदिक पथ्य पर चलती है। बुकिंग ईमेल या फ़ोन से सीधे भी होती है, पूछताछ का जवाब सुबह आठ से शाम सात बजे तक मिलता है।
लंबे प्रवास वाले यूरोपीय मेहमान यहाँ अच्छी संख्या में आते हैं, इसलिए भाषा और भोजन में उनकी आदतों का ध्यान रखा जाता है। तट सीधा सामने है, पर मानसून में समुद्र तेज़ रहता है और तैराकी की सलाह नहीं दी जाती। शहर की चहल-पहल, बाज़ार या रेस्तराँ ढूँढ़ने वालों के लिए यह जगह बहुत शांत साबित होगी।
नाट्टिका बीच पी.ओ., नाट्टिका, त्रिशूर, केरल 680566
चोवरा तट से पैदल दूरी पर बना यह संस्थान 1997 में डॉ. वी. फ्रैंकलिन ने शुरू किया था, जो पहले केरल सरकार में ज़िला चिकित्सा अधिकारी रह चुके हैं। केंद्र को केरल पर्यटन का ग्रीन लीफ़ दर्जा मिला हुआ है और चिकित्सकीय टीम बड़ी है, दर्जनों प्रशिक्षित चिकित्सक और थेरेपिस्ट यहाँ काम करते हैं। आसपास के समुद्रतटीय रिसॉर्टों के मुकाबले दरें साफ़ तौर पर कम रहती हैं, इसलिए कई मेहमान महीने भर तक रुकते हैं।
ज़ोर इलाज पर है, सजावट पर नहीं: कमरे सादे हैं, परिसर में व्यायामशाला है, भोजन पथ्य के हिसाब से बनता है। जिनका बजट सीमित है और जो लंबा पंचकर्म करना चाहते हैं, उनके लिए यह व्यावहारिक विकल्प है। जो पाँच सितारा सेवा, बड़ा पूल और समुद्र के सामने विला खोज रहे हैं, उन्हें यहाँ निराशा होगी।
चोवरा पी.ओ., तिरुवनंतपुरम, केरल 695501
वायनाड में कबिनी नदी के किनारे, जंगल की सीमा से सटा यह छोटा आयुर्वेद अस्पताल और रिट्रीट पंचकर्म के साथ योग और कलारी सिखाता है। परिसर में जड़ी-बूटियों के बगीचे हैं, पक्षियों की आवाज़ें सुबह की दिनचर्या का हिस्सा हैं, और पास के जंगल में सैर का इंतज़ाम होता है। ठहरने की क्षमता सीमित है, इसलिए वैद्य को हर मेहमान के लिए समय मिल जाता है।
पहाड़ी ठंडी हवा और एकांत इसकी असली पूँजी है; तनाव, अनिद्रा और जोड़ों की तकलीफ़ वाले मेहमान लंबे कार्यक्रम के लिए आते हैं। पहुँचना आसान नहीं: कन्नूर या कोझिक्कोड से घुमावदार घाट का रास्ता है और रात में सफ़र ठीक नहीं रहता। जिन्हें समुद्र, बाज़ार या तेज़ इंटरनेट चाहिए, उनके लिए यह जगह कठिन साबित होगी।
पलवेलिचम, बावली पी.ओ., कार्तिकुलम, वायनाड, केरल 670646
माहे और वटकरा के बीच अषियूर गाँव में बना यह केंद्र आयुर्वेद अस्पताल और प्रशिक्षण संस्थान दोनों है। यहाँ लगभग अठारह उपचार कक्ष, साठ से ज़्यादा मेहमान कमरे और परिसर में ही रहने वाले चिकित्सकों की टीम है, इसलिए समूह कार्यक्रम भी आराम से चलते हैं। पंचकर्म के साथ पोषण, मर्म और योग चिकित्सा के पाठ्यक्रम भी चलाए जाते हैं, जिनमें विदेशी छात्र आते हैं।
यह जगह उन लोगों को जँचती है जो इलाज के साथ आयुर्वेद सीखना भी चाहते हैं, या जिन्हें बड़े समूह में ठहरने से दिक्कत नहीं। कन्नूर हवाई अड्डा तीस किलोमीटर के आसपास है, जो उत्तरी केरल के लिहाज़ से सुविधाजनक है। एकदम निजी, छोटे रिट्रीट की तलाश करने वालों को यहाँ की चहल-पहल कुछ ज़्यादा लग सकती है।
अषियूर, वटकरा के पास, कोझिक्कोड ज़िला, केरल 673309
पेरियार नदी के किनारे, मलयाट्टूर के पास बना यह रिट्रीट नया है, पर NABH और आईएसओ प्रमाणन के साथ आयुर्वेद अस्पताल के रूप में पंजीकृत है। कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दूरी कम है, इसलिए लंबी सड़क यात्रा से बचने वाले मेहमानों के लिए यह सुविधाजनक पड़ता है। पंचकर्म, विषहरण, वजन घटाने और तनाव प्रबंधन के कार्यक्रम यहाँ के मुख्य काम हैं, साथ में रोज़ योग सत्र चलते हैं।
चारों ओर जंगल और पहाड़ियाँ हैं, नदी किनारे की शाम शांत रहती है। भारतीय और यूरोपीय दोनों तरह के मेहमान आते हैं, और छोटे कार्यक्रम भी उपलब्ध हैं, जो पहली बार पंचकर्म आज़माने वालों के काम आते हैं। पुराने नामी केंद्रों जैसी लंबी साख अभी नहीं बनी है, यह बात ध्यान में रखनी चाहिए।
इलिथोड, मलयाट्टूर, कोच्चि, एर्नाकुलम, केरल 683587