पेंटिंग की असली कीमत तब सामने आती है जब बीमा, विरासत का बंटवारा, बैंक लोन या बिक्री का मौका दरवाजे पर खड़ा हो। यह रेटिंग उन कलेक्टरों, परिवारों और कारोबारियों के लिए है जिन्हें कागज पर टिकने वाला आंकड़ा चाहिए, अटकल नहीं। यहां भारत में उपलब्ध पेंटिंग मूल्यांकन सेवाएं एक जगह इकट्ठा हैं, नीलामी घरों की अप्रेजल डेस्क से लेकर सरकार से मान्यता प्राप्त वैल्यूअर तक।
चुनते समय देखा गया कि फर्म किस दौर और किस तरह की कला पर काम करती है, रिपोर्ट किस मकसद के लिए मान्य होती है (आयकर, बीमा, वसीयत, बैंक), तैयार होने में कितने दिन लगते हैं, शुल्क कितना पारदर्शी है और प्रोवेनेंस तथा प्रामाणिकता की जांच कितनी गहरी होती है। नीलामी डेटाबेस की गहराई भी मायने रखती है: तुलनात्मक बिक्री के बिना कोई भी आंकड़ा हवा में लटका रहता है।
क्रम यहां संपादकीय मर्जी से तय नहीं होता, जगहें समुदाय के वोटों से बदलती रहती हैं। कार्ड खोलिए, प्लस और माइनस पढ़िए, रिव्यू देखिए और कम से कम दो जगह से अनुमान लेकर तुलना कीजिए। अपना अनुभव वोट और रिव्यू में जोड़ दीजिए, अगले पाठक का काम आसान हो जाएगा।
साल 2000 में दिनेश और मीनल वजीरानी ने साउथ एशियन आर्ट की ऑनलाइन नीलामी से शुरुआत की थी, और आज Saffronart के दफ्तर मुंबई, नई दिल्ली, न्यूयॉर्क और लंदन में हैं। अप्रेजल डेस्क प्राइमरी तथा सेकेंडरी दोनों बाजारों के दाम, कृति की हालत और उसके ऐतिहासिक महत्व को जोड़कर मौजूदा बाजार मूल्य निकालती है। रिपोर्ट बीमा, दान, वसीयत प्रबंधन और कर आकलन में इस्तेमाल होती है।
जिनके पास प्रोग्रेसिव समूह या आधुनिक भारतीय कला की कृतियां हैं, उन्हें यहां तुलना के लिए दो दशक का नीलामी रिकॉर्ड मिलता है। लोक कला, सजावटी प्रिंट या नए कलाकारों की सस्ती कृतियों के मालिक अक्सर निराश लौटते हैं, ध्यान बड़े नामों पर रहता है। शुल्क बातचीत के बाद तय होता है, वेबसाइट पर रेट कार्ड नहीं मिलेगा।
मुंबई, इंडस्ट्री मैनर, आप्पासाहेब मराठे मार्ग, प्रभादेवी, 400025
2008 में शुरू हुआ AstaGuru मुंबई के काला घोड़ा से चलता है और पूरी तरह ऑनलाइन नीलामी मॉडल पर टिका है। आधुनिक तथा समकालीन भारतीय पेंटिंग के अलावा विंटेज ज्वेलरी, घड़ियां, चांदी, कलेक्टिबल्स और क्लासिक कारों समेत पंद्रह से ज्यादा विशेषज्ञ विभाग हैं। बेचने वालों के लिए साइट पर फॉर्म है: तस्वीरें और विवरण भेजिए, विशेषज्ञ अनुमानित रेंज बताते हैं, फिर कैटलॉगिंग से लेकर बिक्री के बाद की प्रक्रिया तक कंपनी संभालती है।
यह रास्ता उनके लिए सीधा है जो मूल्यांकन के बाद बेचने का मन बना चुके हैं, क्योंकि प्राइवेट सेल, स्टोरेज, रेस्टोरेशन और एडवाइजरी एक ही छत के नीचे हैं। जिन्हें सिर्फ आयकर या बीमा के लिए स्वतंत्र लिखित रिपोर्ट चाहिए, वे पहले पुष्टि कर लें कि वैसा दस्तावेज अलग से मिलेगा या नहीं।
मुंबई, हरगोविंददास बिल्डिंग, दूसरी मंजिल, के. दुबाश मार्ग, काला घोड़ा, फोर्ट, 400001
Pundole's की जड़ें 1963 की पुंडोल आर्ट गैलरी में हैं, नीलामी घर 2011 में अलग बना और मुंबई के फोर्ट इलाके से काम करता है। वैल्यूएशन के लिए साइट पर अनुरोध फॉर्म भरना होता है: साफ रंगीन तस्वीरें, हस्ताक्षर और पीछे लगे लेबल की फोटो, माप तथा मालिकाना इतिहास मांगा जाता है। पहले से समय लेकर कृति दफ्तर में छोड़ी भी जा सकती है, जहां विशेषज्ञ उसे हाथ में लेकर देखते हैं।
भारतीय आधुनिक कला पर पकड़ मजबूत है, और नीलामीकर्ता मल्लिका सागर की मौजूदगी इस घर को अंतरराष्ट्रीय भरोसा देती है। साल में नीलामियां गिनी चुनी होती हैं, इसलिए बिक्री की जल्दी हो तो कैलेंडर पहले देख लेना बेहतर है। संपर्क का मुख्य जरिया फोन और फॉर्म है, जवाब की रफ्तार सीजन पर निर्भर करती है।
मुंबई, 369 डॉ. दादाभाई नौरोजी रोड, 400001
1993 में दिल्ली आर्ट गैलरी के नाम से शुरू हुई DAG आज नई दिल्ली, मुंबई और न्यूयॉर्क में मौजूद है और उन्नीसवीं तथा बीसवीं सदी की भारतीय कला का बड़ा निजी संग्रह संभालती है। अप्रेजल और वैल्यूएशन इसकी आर्ट एडवाइजरी सेवा का हिस्सा है, अनुरोध [email protected] पर भेजा जाता है और फिर विशेषज्ञ कृति की पड़ताल करते हैं। प्रदर्शनियों तथा शोध प्रकाशनों की लंबी सूची इस राय का आधार बनती है।
जिनके पास बंगाल स्कूल, कंपनी पेंटिंग या आजादी के आसपास के दौर की कृतियां हैं, उन्हें यहां आर्काइव और तुलनात्मक सामग्री का असली फायदा मिलता है। युवा समकालीन कलाकारों या विदेशी कला के लिए यह पहली पसंद नहीं। DAG खुद बड़ा डीलर है, इसलिए कई मालिक बिक्री से पहले दूसरी स्वतंत्र राय भी ले लेते हैं।
2017 में इंद्रजीत चटर्जी का बनाया Prinseps मुंबई के लोअर परेल से चलता है और खुद को शोध आधारित मंच कहता है। कलाकारों की कृति सूचियां, नीलामी कीमतों का विश्लेषण और प्रोवेनेंस पर लेख वेबसाइट पर खुले पड़े हैं, जिनसे मालिक पहला अंदाजा खुद लगा सकता है। राजा रवि वर्मा स्कूल जैसे उलझे एट्रिब्यूशन पर इनका शोध बार-बार हवाला दिया जाता है।
बिना रिजर्व वाली टाइम्ड नीलामियां और डिजिटल कला के प्रयोग इसे बाकी घरों से अलग करते हैं, इसलिए मध्यम कीमत वाली कृतियों के मालिक भी यहां आसानी से जगह पा जाते हैं। टीम छोटी है, तो व्यस्त सीजन में जवाब धीमा पड़ सकता है। बहुत बड़े संस्थागत संग्रह की औपचारिक वैल्यूएशन के लिए यह मंच हल्का साबित हो सकता है।
मुंबई, 1215/C, वन लोढ़ा प्लेस, सेनापति बापट मार्ग, लोअर परेल, 400013
सौ साल पुराने दादा समूह ने 2008 में पहली फ्लोर नीलामी के साथ Bid & Hammer की शुरुआत की थी। मुख्य दफ्तर बेंगलुरु के जयनगर में है, नई दिल्ली में दूसरी मौजूदगी, और प्रीव्यू चेन्नई तथा जोधपुर तक होते रहे हैं। श्रेणियां सिर्फ पेंटिंग तक सीमित नहीं: प्राचीन किताबें, नक्शे, प्रिंट, चांदी, ज्वेलरी और यादगार वस्तुएं भी। मुलाकात अपॉइंटमेंट पर होती है, सोमवार से शुक्रवार सुबह दस से शाम साढ़े छह बजे तक।
दक्षिण भारत के मालिकों के लिए यह सबसे नजदीकी विकल्प है जहां कृति सामने रखकर परखी जा सके, और प्राइवेट सेल डेस्क अलग से काम करता है। कैटलॉग मुंबई के बड़े घरों जितने भरे नहीं रहते, इसलिए महंगी आधुनिक कृतियों के लिए तुलनात्मक कीमतें कम मिलती हैं। एट्रिब्यूशन के सवाल पर लिखित राय मांग लेना समझदारी है।
बेंगलुरु, 203, 7वां मेन, चौथा ब्लॉक, जयनगर, 560011
2002 से चल रही Artery India खुद को प्राइवेट आर्ट ऑफिस कहती है, यानी चुनिंदा परिवारों और संस्थानों के कला निवेश की देखरेख। जोर नीलामी पर नहीं, आंकड़ों पर है: कलाकारवार कीमत विश्लेषण, बाजार रिपोर्ट, संग्रह की समय-समय पर वैल्यूएशन और खरीद बिक्री की रणनीति। टोल फ्री नंबर पर बातचीत के बाद काम का दायरा और फीस तय होती है।
जिनके पास कई कृतियों का पोर्टफोलियो है और जो उसे संपत्ति की तरह देखना चाहते हैं, उनके लिए यह सलाहकार मॉडल सटीक बैठता है। एक ही पेंटिंग के लिए सस्ता और तुरंत जवाब चाहने वालों को यहां भारी लग सकता है। रिपोर्ट निजी होती हैं, इसलिए सार्वजनिक नमूने देखकर गुणवत्ता जांचने का रास्ता नहीं है।
दिल्ली की A2Z Valuers सरकार से मान्यता प्राप्त वैल्यूअर नितेश श्रीवास्तव की फर्म है, जो चार्टर्ड इंजीनियर और सर्वेयर के रूप में भी पंजीकृत हैं। पेंटिंग तथा कलाकृतियों का मूल्यांकन इनकी लंबी सेवा सूची का एक हिस्सा है, बाकी में संपत्ति, ज्वेलरी, प्लांट और मशीनरी, वीजा तथा कर संबंधी वैल्यूएशन आते हैं। संपर्क सीधा फोन पर होता है, नंबर +91 99999 92343 हर पेज पर दिखता है।
आयकर, बीमा दावे, वसीयत या अदालती मामलों के लिए जिस फॉर्मैट की रिपोर्ट चाहिए, वह यहां मिल जाती है, और यही असली फायदा है। कला इतिहास की गहराई या अंतरराष्ट्रीय नीलामी तुलना की उम्मीद न रखें: महंगे मॉडर्न मास्टर्स के लिए नीलामी घर की राय ज्यादा वजनदार रहती है। फर्म कई मिलती जुलती वेबसाइटें चलाती है, जिससे पहली बार में असली पता पहचानना उलझन भरा लगता है।
डॉ. एस. एन. बंसल दिल्ली एनसीआर में तीन दशक से ज्यादा समय से पंजीकृत वैल्यूअर के रूप में काम कर रहे हैं, और उनकी टीम पेंटिंग वैल्यूएशन को अलग सेवा के तौर पर सूचीबद्ध करती है। दायरा दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद तक फैला है। रिपोर्ट आधुनिक तथा पारंपरिक पेंटिंग, फाइन आर्ट संग्रह और कलेक्टिबल्स के लिए बनती हैं, बातचीत आमतौर पर +91 95400 09765 पर शुरू होती है।
बैंक गारंटी, कर आकलन, वसीयत और संपत्ति बंटवारे जैसे कागजी कामों में ऐसी रिपोर्ट सबसे ज्यादा काम आती है। कला बाजार की रणनीति, बिक्री चैनल या विदेशी खरीदार यहां से नहीं मिलेंगे। शुल्क तथा समयसीमा कृति और उद्देश्य देखकर तय होती है, वेबसाइट पर तय दर नहीं है।
Mearto ऑनलाइन अप्रेजल का सबसे सीधा रास्ता है: तीन से आठ तस्वीरें, संक्षिप्त विवरण और भुगतान पहले। एक वस्तु की जांच करीब पंद्रह से उनहत्तर डॉलर के बीच पड़ती है, जवाब आमतौर पर चौबीस से अड़तालीस घंटे में आ जाता है। रिपोर्ट में हालिया नीलामी नतीजों के आधार पर उचित बाजार मूल्य की रेंज और बीमा मूल्य का सुझाव रहता है, भारतीय कला के लिए अलग विशेषज्ञ श्रेणी बनी हुई है।
जिन्हें बेचने से पहले मोटा अंदाजा चाहिए या विरासत में मिली कृति की पहचान करनी है, उनके लिए यह सस्ता पहला कदम है, और पांच हजार डॉलर से ऊपर की वस्तुओं के लिए कंसाइनमेंट में मदद भी मिलती है। भारत में आयकर या अदालत के लिए यह दस्तावेज मान्य वैल्यूएशन की जगह नहीं लेता। साइट अंग्रेजी में है, भुगतान डॉलर में, और जांच पूरी तरह तस्वीरों पर टिकी रहती है।