किताब पढ़ने के लिए उसे खरीदना ज़रूरी नहीं। किताबें किराए पर देने वाली सेवाएं हर महीने कुछ सौ रुपये में पढ़ने का कोटा देती हैं और पढ़ी हुई किताब वापस ले जाती हैं। यह रेटिंग उन पाठकों के लिए है जिनकी अलमारी भर चुकी है पर सूची अभी लंबी है, और उन माता पिता के लिए जो बच्चे को हर हफ्ते नई तस्वीरों वाली किताब देना चाहते हैं।
चुनाव करते समय कुछ चीज़ें गिनी गईं: सेवा किन शहरों तक डिलीवरी और पिकअप करती है, महीने का शुल्क कितना है, सिक्योरिटी डिपॉजिट लौटता है या नहीं, एक बार में कितनी किताबें हाथ में रह सकती हैं, देर से लौटाने पर जुर्माना है या नहीं, संग्रह में बच्चों की किताबें, फिक्शन और पाठ्यपुस्तकें कितनी हैं। ऐप या वेबसाइट पर किताब खोजने और बदलने की प्रक्रिया कितनी सीधी है, इसे भी अलग से देखा गया, क्योंकि यही रोज़ का अनुभव तय करता है।
क्रम संपादकीय राय से तय नहीं होता: जगहें समुदाय के वोटों से बदलती रहती हैं। हर कार्ड में सेवा के प्लस, माइनस और पाठकों की समीक्षाएँ पढ़ें, फिर अपने शहर की डिलीवरी और अपनी पढ़ने की रफ़्तार के हिसाब से चुनें।
बेंगलुरु से शुरू हुई यह लाइब्रेरी चेन आईआईएम बेंगलुरु के एनएसआरसीईएल इनक्यूबेटर में जन्मी थी और फ्रैंचाइज़ी मॉडल पर कई शहरों में शाखाएँ चलाती है। कंपनी दस लाख से ज़्यादा किताबों और दो लाख सदस्यों का दावा करती है। सदस्यता की कीमत योजना पर निर्भर करती है, बेसिक स्तर कुछ सौ रुपये महीने से शुरू होता है, और देर से लौटाने पर जुर्माना नहीं लगता। किताब वेबसाइट से मँगाई जा सकती है या नज़दीकी शाखा में जाकर बदली जा सकती है।
जिन लोगों के मोहल्ले में शाखा है, उनके लिए यह सबसे आरामदेह विकल्प है: शेल्फ़ देखकर चुनने का मज़ा ऑनलाइन कैटलॉग में नहीं मिलता। छोटे शहरों में शाखा न होने पर डिलीवरी की शर्तें अलग होती हैं, इसलिए सदस्यता लेने से पहले अपने पिन कोड की जाँच कर लेना ठीक रहता है। पत्रिकाएँ और बच्चों की किताबें भी संग्रह में हैं।
359, 16वीं मेन, 34वीं क्रॉस रोड, 4वां टी ब्लॉक ईस्ट, जयनगर, बेंगलुरु, कर्नाटक 560041
मुंबई से चलने वाली यह बच्चों की लाइब्रेरी ऐप के भरोसे काम करती है: किताबें और खिलौने ऐप में उम्र, रुचि और रीडिंग लेवल के हिसाब से छाँटे जाते हैं, फिर घर पहुँचते हैं। संग्रह पचहत्तर हज़ार से ज़्यादा किताबों और डेढ़ हज़ार खिलौनों का बताया जाता है, और सेवा साढ़े तीन सौ से ज़्यादा शहरों तक जाती है। मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में डिलीवरी मुफ़्त है, बाहर के शहरों के लिए मासिक डिलीवरी शुल्क अलग से जुड़ता है। महीने में पाँच किताबों वाला बॉक्स सबसे चर्चित योजना है।
शून्य से चौदह साल के बच्चों वाले परिवारों के लिए बना है, वयस्कों के लिए फिक्शन यहाँ नहीं मिलेगा। मुंबई से बाहर डिलीवरी में चार से आठ दिन लग सकते हैं, इसलिए हर हफ़्ते नई किताब चाहने वालों को इंतज़ार करना पड़ता है। डिपॉजिट न होना छोटे बजट वाले परिवारों के लिए राहत है।
एक से बारह साल के बच्चों के लिए किताबों, खेलों और खिलौनों की सदस्यता। शुरू करते समय एक छोटा असेसमेंट फ़ॉर्म भरवाया जाता है, उसी के आधार पर ऐप में बच्चे के स्तर की सामग्री दिखती है। योजनाएँ चार सौ उनचास रुपये से शुरू होती हैं, एक बार का रजिस्ट्रेशन शुल्क चार सौ निन्यानबे रुपये और पूरी तरह वापस होने वाला डिपॉजिट नौ सौ निन्यानबे रुपये लगता है। सदस्यता हर चार हफ़्ते में अपने आप नवीनीकृत होती है।
मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे, पुणे और चेन्नई में बैग की डिलीवरी और पुरानी किताबों की पिकअप एक ही चक्कर में हो जाती है, बाकी शहरों में वापसी अलग से शिपिंग लेबल लगाकर भेजनी पड़ती है, जो थोड़ा झंझट है। दूसरे बच्चे के लिए सदस्यता लेने पर पंद्रह प्रतिशत छूट मिलती है, यानी दो बच्चों वाले घरों के लिए गणित बेहतर बैठता है।
सी 122, अंसा इंडस्ट्रियल एस्टेट, साकी विहार रोड, चांदिवली, मुंबई 400072
किराए पर किताब लेने का सीधा सादा पोर्टल: फिक्शन, नॉन फिक्शन, सेल्फ हेल्प, बच्चों की और पढ़ाई की किताबें एक ही कैटलॉग में। सदस्यता तीन महीने के लिए आठ सौ निन्यानबे रुपये से शुरू होती है, साथ में एक मुफ़्त योजना भी दी जाती है जिससे सेवा आज़माई जा सके। किताबें घर पहुँचती हैं और पढ़ने के बाद वहीं से उठा ली जाती हैं। ऐप भी है, पर ज़्यादातर काम वेबसाइट से हो जाता है।
सहायता सुबह दस से शाम सात बजे तक फ़ोन और मेल पर मिलती है, जवाब आमतौर पर एक दिन के भीतर आता है। संग्रह बड़ी चेनों जितना गहरा नहीं है, इसलिए बहुत नई या दुर्लभ किताब खोजने वालों को निराशा हो सकती है। जो लोग महीने में दो तीन किताबें पढ़ते हैं और तय कीमत पसंद करते हैं, उनके लिए हिसाब ठीक बैठता है।
ऐप के ज़रिए किताब किराए पर देने वाली सेवा, जिसका मॉडल सदस्यता के बजाय प्रति किताब शुल्क पर टिका है। रेगुलर योजना में किराया पचास रुपये या किताब की कीमत का दस प्रतिशत, इनमें से जो ज़्यादा हो, वही लगता है, और किताब की कीमत के बराबर डिपॉजिट देना होता है जो लौटाने के सात दिनों के भीतर वापस मिल जाता है। किताब कम से कम एक महीने और अधिकतम चार महीने रखी जा सकती है।
सेवा बेंगलुरु और हैदराबाद में सबसे मज़बूत है, इसके अलावा चेन्नई, पुणे, मुंबई, अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और कुछ अन्य शहरों में भी काम करती है। डिलीवरी दो से तीन कार्यदिवस में होती है और वापसी के लिए मुफ़्त पिकअप है। जो किताब कैटलॉग में नहीं है, उसकी माँग दर्ज की जा सकती है। कम पढ़ने वालों के लिए यह सदस्यता वाली योजनाओं से सस्ता पड़ता है।
कोलकाता से चलने वाली पुरानी ऑनलाइन किराया लाइब्रेरी, जिसे इंजीनियर विकास खंडेलवाल ने शुरू किया था। सदस्य वेबसाइट पर अपनी बुकलिस्ट बनाते हैं, किताबें एक से दो कार्यदिवस में घर पहुँचती हैं और पढ़ने के बाद मुफ़्त में उठा ली जाती हैं। पचास से ज़्यादा श्रेणियाँ हैं, पेशेवर पढ़ाई से लेकर उपन्यास तक। लौटाने की कोई तय तारीख नहीं है और देर का जुर्माना भी नहीं, सदस्यता चालू रहने तक किताब पास रह सकती है।
कंपनी दफ़्तरों के लिए कॉर्पोरेट लाइब्रेरी भी बनाती है, यानी कर्मचारियों के लिए साझा संग्रह। वेबसाइट का डिज़ाइन पुराना है और ऐप नहीं है, इसलिए फ़ोन से चुनना उतना सहज नहीं। कोलकाता और हावड़ा में सेवा सबसे भरोसेमंद है, बाकी शहरों के लिए शर्तें पहले पूछ लेना बेहतर है।
बेंगलुरु की बच्चों की लाइब्रेरी, जहाँ किताबों के साथ खिलौने, पहेलियाँ और बोर्ड गेम भी किराए पर मिलते हैं। सदस्यता लेने के बाद ऑर्डर वेबसाइट से किया जाता है और सामान दो से चार कार्यदिवस में घर पहुँचता है। नया ऑर्डर देने पर पिछला सेट डिलीवरी के समय ही वापस ले लिया जाता है, यानी अलग से पिकअप की तारीख तय नहीं करनी पड़ती। जो किताब सूची में न हो, उसकी विशलिस्ट मेल पर भेजी जा सकती है।
अपनी पुरानी किताबें और खिलौने देने पर पॉइंट मिलते हैं, जिनका मूल्य हालत और माँग के आधार पर टीम तय करती है। डिलीवरी फ़िलहाल बेंगलुरु शहर तक ही है, इसलिए बाकी शहरों के लिए यह काम का नहीं। खिलौनों की सफ़ाई और हालत को लेकर अभिभावकों की समीक्षाएँ अच्छी हैं।
शिशि प्रोजेक्ट्स एलएलपी, रोहन झरोका, केम्पापुरा, बेंगलुरु
बेंगलुरु की बच्चों की लाइब्रेरी, जो असली कमरे और ऑनलाइन कैटलॉग दोनों पर चलती है। किताबें वेबसाइट पर देखकर आरक्षित की जा सकती हैं और घर मँगाई जा सकती हैं, या ओल्ड एयरपोर्ट रोड वाली जगह पर जाकर चुनी जा सकती हैं। योजना के हिसाब से एक समय पर दो, तीन या चार किताबें पास रहती हैं, शुरुआत में वापस होने वाला सिक्योरिटी डिपॉजिट लिया जाता है। संग्रह शिशुओं से लेकर किशोरों तक के स्तर पर बँटा है, हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में।
महीने में दो शुक्रवार को कहानी सुनाने के सत्र होते हैं, जो सदस्यों के लिए मुफ़्त हैं। बच्चों की समीक्षाएँ प्रकाशित करने वाला पन्ना भी है, जिसमें चार साल के पाठक भी हिस्सा लेते हैं। लाइब्रेरी के खुलने का समय सीमित है, दोपहर में बंद रहती है, और सेवा बेंगलुरु से बाहर नहीं जाती।
द ग्रीन पॉकेट, 37, एचएएल ओल्ड एयरपोर्ट रोड, रुस्तम बाग लेआउट, बेंगलुरु 560017
नोएडा से चलने वाली सेवा, जो पाठ्यपुस्तकों पर केंद्रित है: इंजीनियरिंग, प्रबंधन, सीए और विश्वविद्यालय के कोर्स की किताबें एक दिन से लेकर पूरे सेमेस्टर तक किराए पर मिलती हैं। कंपनी का दावा है कि किताब खरीदने की तुलना में साठ से पचहत्तर प्रतिशत तक बचत होती है, और छोटी अवधि के किराए कुछ दर्जन रुपये से शुरू होते हैं। पुरानी किताबें बेचने और खरीदने का विकल्प भी है, यानी सेमेस्टर खत्म होने पर किताब रद्दी में नहीं जाती।
छात्रों के लिए बना मॉडल है, इसलिए उपन्यास या बच्चों की तस्वीर वाली किताबें यहाँ खोजना बेकार है। किताब की उपलब्धता आईएसबीएन से जाँची जाती है और अनुरोध की पुष्टि टीम करती है, जिसमें समय लग सकता है। दिल्ली एनसीआर में डिलीवरी सबसे तेज़ है, दूर के शहरों के लिए शर्तें पहले पूछ लेना समझदारी है।
पै'स फ्रेंड्स लाइब्रेरी की शुरुआत 22 मई 1986 को डोंबिवली में सौ किताबों से हुई थी, आज संग्रह साढ़े चार लाख शीर्षकों से ऊपर है। डोंबिवली में चार शाखाएँ, बीस हज़ार से ज़्यादा सदस्य और पूरे मुंबई में मुफ़्त होम डिलीवरी: सेंट्रल, वेस्टर्न, हार्बर और साउथ मुंबई तक किताबें पहुँचती हैं, पुणे में भी सेवा चालू है। किताबें और पत्रिकाएँ मुख्यतः अंग्रेज़ी और मराठी में हैं, बच्चों के लिए उम्र के हिसाब से अलग सेक्शन बना है।
योजनाओं में एक बार में दो से चार किताबें मिलती हैं, अदला-बदली प्लान के हिसाब से हर हफ़्ते या महीने में दो बार। वेबसाइट या एंड्रॉयड ऐप पर "रिटर्न बुक" दबाते ही टीम घर से किताबें उठा ले जाती है। सिक्योरिटी डिपॉजिट रजिस्ट्रेशन के समय एक बार लिया जाता है और सदस्यता बंद करने पर चेक के रूप में लगभग चौदह कार्यदिवस में लौटता है। जिन्हें हिंदी साहित्य चाहिए या जो मुंबई और पुणे से बाहर रहते हैं, उनके लिए यह सेवा काम की नहीं।
मुंबई, डोंबिवली पूर्व, पेंडसे नगर, वी. पी. रोड, आकाश बिल्डिंग, पहली मंज़िल