ड्रोन उड़ाकर काम करना है, खेत में छिड़काव, सर्वे या शूटिंग, तो DGCA का रिमोट पायलट सर्टिफिकेट (RPC) चाहिए। यह सर्टिफिकेट सिर्फ DGCA मान्यता वाले ड्रोन पायलट स्कूल यानी RPTO देते हैं। यह रेटिंग उन लोगों के लिए है जो सही संस्थान चुनना चाहते हैं और फीस, दिन और ट्रेनिंग की असली हालत पहले से जानना चाहते हैं।
सूची में सिर्फ वे संस्थान रखे गए हैं जिनकी DGCA से RPTO मान्यता है और जो अभी बैच चला रहे हैं। तुलना सीधी बातों पर हुई: कोर्स की फीस और उसमें GST जुड़ा है या नहीं, कोर्स कितने दिन का है, स्मॉल और मीडियम दोनों क्लास की ट्रेनिंग है या एक ही, सिम्युलेटर और असली उड़ान के घंटे, एक बैच में कितने छात्र, किस शहर में फ्लाइंग साइट है, और ट्रेनिंग के बाद इंस्ट्रक्टर कोर्स, एग्री स्प्रे या मैपिंग जैसे अगले कदम मिलते हैं या नहीं।
जगहें संपादक तय नहीं करते, समुदाय के वोट तय करते हैं। जो स्कूल ऊपर है, उसे लोगों ने ज्यादा पसंद किया है। हर कार्ड में फायदे और कमियां देखें, फिर उन लोगों की समीक्षाएं पढ़ें जिन्होंने वहां से RPC लिया है। फीस बदलती रहती है, इसलिए दाखिले से पहले संस्थान से ताजा रेट जरूर पूछें।
Drone Destination दिल्ली की कंपनी है, जो 2019 में शुरू हुई। यह DGCA से मान्यता प्राप्त RPTO है और इसकी सहयोगी कंपनी Hubblefly Technologies ड्रोन बनाती है। मुख्य कैंपस मानेसर, गुरुग्राम में करीब 7 एकड़ में है। ट्रेनिंग पार्टनरों के साथ इसके बैच बेंगलुरु, धर्मशाला, ग्वालियर, कोयंबटूर और मदुरै जैसे शहरों में भी चलते हैं। रोटरक्राफ्ट, हाइब्रिड ड्रोन, सर्वे मैपिंग और एग्री स्प्रे के कोर्स मिलते हैं। कंपनी 2023 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई।
यह स्कूल उनके लिए ठीक है जो बड़े और जाने माने नेटवर्क से RPC लेना चाहते हैं और पास के शहर में बैच ढूंढ रहे हैं। स्मॉल क्लास कोर्स की फीस करीब 55,000 रुपये बताई जाती है, जो कई निजी स्कूलों से ज्यादा है। कम बजट वाले छात्र पहले दूसरे विकल्प देख लें।
मानेसर, गुरुग्राम, हरियाणा (ट्रेनिंग कैंपस)
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (IGRUA) नागर विमानन मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्था है। यह 36 साल से ज्यादा समय से कमर्शियल पायलट तैयार कर रही है। ड्रोन ट्रेनिंग के लिए इसने Drone Destination के साथ मिलकर DGCA प्रमाणित कोर्स शुरू किया। कोर्स 5 दिन का है और इसमें माइक्रो और स्मॉल दोनों क्लास के ड्रोन पर पायलट सर्टिफिकेशन मिलता है। ट्रेनिंग साइट गुरुग्राम, बेंगलुरु, ग्वालियर, कांगड़ा, कोयंबटूर, मदुरै और भोपाल में हैं।
सरकारी नाम पर भरोसा करने वाले छात्रों के लिए यह अच्छा विकल्प है। ब्रोशर के हिसाब से फीस ड्रोन की क्लास के अनुसार करीब 55,000 से 75,000 रुपये तक है। ध्यान दें कि रोज की ट्रेनिंग पार्टनर कंपनी चलाती है, इसलिए पूछताछ का नंबर भी साझा है।
फुरसतगंज, अमेठी, उत्तर प्रदेश; ड्रोन फ्लाइंग साइट गुरुग्राम
FlapOne Aviation दिल्ली NCR का DGCA मान्यता प्राप्त RPTO है, दफ्तर द्वारका में पालम और सेक्टर 9 मेट्रो के पास है। स्मॉल RPC कोर्स 5 दिन का है: ग्राउंड क्लास, सिम्युलेटर और असली उड़ान। वेबसाइट पर इसकी फीस 30,000 रुपये दिखती है, पुरानी कीमत 40,000 काटकर। मीडियम RPC कोर्स 41,300 रुपये का है। 11 दिन का इंस्ट्रक्टर पैकेज और 6 दिन का ड्रोन बनाने और रिपेयर का कोर्स भी है।
नौकरी करने वालों के लिए वीकेंड बैच मिलते हैं, यह बड़ी सुविधा है। क्लास सुबह 9 से शाम 6:30 तक चलती है, इसलिए पूरे दिन की छुट्टी रखनी होगी। रविवार को दफ्तर बंद रहता है। दिल्ली से बाहर रहने वालों को रहने का इंतजाम खुद देखना पड़ सकता है।
E-551, दूसरी मंजिल, रामफल चौक, सेक्टर 7, द्वारका, नई दिल्ली 110075
Garuda Aerospace चेन्नई की ड्रोन बनाने वाली बड़ी कंपनी है, जिसमें क्रिकेटर एमएस धोनी का निवेश है। कंपनी के पास DGCA से स्मॉल और मीडियम दोनों क्लास की RPTO मान्यता है। 2024 में इसे ट्रेन द ट्रेनर यानी इंस्ट्रक्टर तैयार करने की मंजूरी भी मिली। खेती वाले ड्रोन इसकी पहचान हैं, इसलिए एग्री स्प्रे की ट्रेनिंग पर खास जोर है। जिनके पास पहले से स्मॉल RPC है, उनके लिए 5 दिन का मीडियम टॉप अप कोर्स 15,000 रुपये और GST में मिलता है।
खेती और छिड़काव वाले काम में जाना चाहने वालों के लिए यह जगह सही बैठती है। कंपनी कॉलेजों के साथ मिलकर भी बैच चलाती है। कमी यह है कि मुख्य काम ड्रोन बनाना है, ट्रेनिंग एक विभाग है, इसलिए सीधी जानकारी के लिए फोन करना पड़ता है।
तीसरी मंजिल, 24/46, अग्नि बिजनेस सेंटर, केबी दासन रोड, अलवरपेट, चेन्नई 600018
Indian Institute of Drones ड्रोन बनाने वाली कंपनी Johnnette Technologies का ट्रेनिंग विंग है। साइट के अनुसार ट्रेनिंग Pioneer Flying Academy के साथ होती है, जो DGCA से मंजूर FTO और RPTO है। सेंटर नोएडा, चेन्नई और आंध्र प्रदेश के पोडिली में बताए गए हैं। संस्थान का दावा है कि 3,500 से ज्यादा पायलट यहां से ट्रेनिंग ले चुके हैं। इंस्ट्रक्टरों में सेना के पूर्व UAV ट्रेनर हैं। माइक्रो क्लास मल्टीरोटर कोर्स के अलावा ड्रोन ऑपरेशन मैनेजमेंट का लंबा प्रोग्राम भी है।
सैन्य अनुशासन वाली सख्त ट्रेनिंग पसंद करने वालों को यह जगह भा सकती है। फीस नकद, चेक, NEFT या ऑनलाइन भरी जा सकती है। संस्थान फ्रेंचाइजी भी देता है, इसलिए हर शहर के सेंटर का स्तर एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं। दाखिले से पहले देख लें कि बैच किस RPTO के नाम पर है।
नोएडा, उत्तर प्रदेश
DroneAcharya Aerial Innovations पुणे की कंपनी है, जो ड्रोन बनाती है, ड्रोन से सर्वे का काम करती है और DGCA प्रमाणित पायलट ट्रेनिंग देती है। RPTO की सूची में इसका नाम पुणे, महाराष्ट्र से दर्ज है। कंपनी ने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के टेक्नोलॉजी विभाग के साथ मिलकर ऐसे कोर्स शुरू किए जिनमें यूनिवर्सिटी क्रेडिट भी मिलता है। फ्लाइंग साइट मिर्जापुर में BHU साउथ कैंपस के पास और हरियाणा में भी बताई गई है।
कॉलेज के छात्र, जिन्हें RPC के साथ पढ़ाई के क्रेडिट चाहिए, उन्हें यहां फायदा है। कंपनी सर्वे और मैपिंग के प्रोजेक्ट भी करती है, इसलिए ट्रेनिंग में काम की असली झलक मिलती है। फीस और बैच की तारीखें फोन पर ही पक्की होती हैं, साइट पर पूरी जानकारी कम है।
गैलोर आईटी पार्क, एलएमडी चौक, बावधन, पुणे 411021
Marut Drone Academy हैदराबाद की ड्रोन कंपनी Marut Drones की ट्रेनिंग शाखा है। DGCA प्रमाणित पायलट प्रोग्राम की फीस 45,000 रुपये बताई गई है, इसमें नियम, उड़ान के सिद्धांत और फील्ड ऑपरेशन शामिल हैं। RPTO सेंटर PJTAU हैदराबाद, होली मैरी इंस्टीट्यूट और दूसरे कॉलेजों में हैं। दिसंबर 2025 में वारंगल में महिलाओं के नेतृत्व वाला RPTO खुला, जहां 400 पायलट तैयार करने का लक्ष्य रखा गया।
तेलंगाना और आंध्र के छात्रों के लिए यह पास और भरोसेमंद विकल्प है। स्मॉल और मीडियम पायलट कोर्स के अलावा सर्वे मैपिंग, एग्री स्प्रे और ड्रोन रिपेयर की ट्रेनिंग भी मिलती है। ट्रेनिंग का ड्रोन कंपनी खुद बनाती है। उत्तर भारत वालों के लिए दूरी और रहने का खर्च जोड़कर देखना चाहिए।
#302, तीसरी मंजिल, द पीक प्राइड, माधापुर, हैदराबाद 500081
CASR RPTO चेन्नई की अन्ना यूनिवर्सिटी के MIT कैंपस में सेंटर फॉर एयरोस्पेस रिसर्च चलाता है। इसे ड्रोन नियम 2021 के बाद स्मॉल और मीडियम क्लास में देश का पहला RPTO बताया जाता है। कोर्स में DGCA नियम, उड़ान के बुनियादी सिद्धांत, फिक्स्ड विंग और रोटरक्राफ्ट की थ्योरी और फिर फील्ड पर उड़ान होती है। स्मार्ट क्लासरूम और सिम्युलेटर भी हैं।
यूनिवर्सिटी के माहौल में पढ़ना चाहने वाले और इंजीनियरिंग की गहरी समझ चाहने वाले छात्रों के लिए यह ठीक जगह है। कोर्स निजी स्कूलों के 5 दिन वाले पैकेज से लंबा चलता है, थ्योरी पर ज्यादा वक्त जाता है। जल्दी सर्टिफिकेट चाहिए तो यह बात ध्यान में रखें।
सेंटर फॉर एयरोस्पेस रिसर्च, MIT कैंपस, अन्ना यूनिवर्सिटी, क्रोमपेट, चेन्नई 600044
India Drone Academy हैदराबाद में मुख्य कैंपस वाला DGCA प्रमाणित ट्रेनिंग संस्थान है, विजयवाड़ा में भी सेंटर है। स्मॉल क्लास कोर्स यानी 25 किलो तक के ड्रोन का प्रोग्राम 5 दिन का है। मीडियम क्लास का एडवांस कोर्स और स्मॉल प्लस मीडियम का मिला हुआ पैकेज भी है। मीडियम बैच हर सोमवार शुरू होता है। महिलाओं के लिए "ड्रोन दीदी" एग्री प्रोग्राम 35,000 रुपये और 18% GST में मिलता है।
हर हफ्ते नया बैच होना बड़ी सुविधा है, लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता। सिम्युलेटर की सुविधा और प्लेसमेंट में मदद की बात भी संस्थान करता है। ड्रोन दीदी योजना से जुड़ी महिलाओं के लिए यह जगह खास है। दफ्तर सोमवार से शनिवार सुबह 9 से शाम 6 बजे तक खुला रहता है।
व्हाइट वॉटर्स, 5A/6B, KIMS अस्पताल के पास, टिम्बर लेक कॉलोनी, शेखपेट, हैदराबाद 500008
Aerdroids कोयंबटूर का DGCA मान्यता प्राप्त RPTO है, कंपनी 2023 में बनी। बैच छोटे होते हैं, एक बैच में सिर्फ 3 से 6 छात्र। बेसिक RPC कोर्स 5 दिन का है और सर्टिफिकेट 10 साल चलता है। एडवांस पैकेज कम से कम 10 दिन का है, इसमें 20 घंटे अतिरिक्त उड़ान और FPV ड्रोन की सिम्युलेटर व असली ट्रेनिंग शामिल है। एरियल सिनेमैटोग्राफी, 3D मैपिंग और एग्री ड्रोन रिपेयर की वर्कशॉप भी होती है।
जिन्हें इंस्ट्रक्टर का पूरा ध्यान चाहिए, उनके लिए छोटा बैच बड़ी बात है। शादी और फिल्म शूट करने वालों के लिए सिनेमैटोग्राफी वाला पैकेज काम का है। संस्थान नया है, पुराने छात्रों की संख्या बड़े नामों जितनी नहीं। सिर्फ कोयंबटूर में कैंपस है।
कोयंबटूर, तमिलनाडु