कडत्तनाडन कलारी संगम की शुरुआत 1949 में कोझिकोड जिले के वडकरा में श्रीनिवासन गुरुक्कल और उनके साथियों ने की थी। 1962 में श्रीनिवासन गुरुक्कल वायनाड आ गए, और 2000 में के. एफ. थॉमस गुरुक्कल ने मनंतवाडी के कम्मना में मौजूदा कलारी खड़ी की। आज वायनाड में इसकी तीन शाखाएँ हैं, जिन्हें पाँच गुरुक्कल मिलकर चलाते हैं, और संस्था का दावा है कि पाँच हजार से ज्यादा लोग यहाँ प्रशिक्षण ले चुके हैं।
नियमित कक्षाओं के अलावा स्कूलों के लिए सामूहिक कार्यशालाएँ और मंच प्रदर्शन भी होते हैं, इसलिए बच्चों के समूह को एक बार कला दिखानी हो तो यह अच्छा विकल्प है। वायनाड घूमने आए लोग छोटे कोर्स में शामिल हो सकते हैं। दिक्कत जगह की है: कम्मना पहाड़ी इलाके में है, नजदीकी शहर से आना जाना रोज करना मुश्किल पड़ता है, और बारिश के महीनों में अभ्यास का क्रम गड़बड़ाता है।
पता: वायनाड, मनंतवाडी, कम्मना पी.ओ., केरल 670645
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