वल्लभट्ट कलारी संगम त्रिशूर जिले के चावक्काड में है और यह मध्य केरल की वल्लभट्ट शैली का सबसे जाना पहचाना घर है। इसे संकर नारायण मेनोन गुरुक्कल ने खड़ा किया, जिन्हें कलारीपयट्टू के लिए पद्मश्री मिला। पाठ्यक्रम पुराने क्रम में चलता है: पहले मेय्यत्तारी यानी शरीर साधना, फिर कोल्तारी में लकड़ी के हथियार, अंकत्तारी में धातु के हथियार और अंत में वेरुमकै यानी खाली हाथ की लड़ाई। मर्म चिकित्सा और आयुर्वेदिक मालिश भी यहीं उपलब्ध है।
जो शैली की शुद्धता को अहमियत देते हैं और नए तरीके से बदले रूप से बचना चाहते हैं, उनके लिए यह केंद्र सबसे भरोसेमंद है। कलारी से जुड़े प्रशिक्षक बेंगलुरु और यूरोप तक कक्षाएँ चलाते हैं, जिससे लंबा अभ्यास जारी रखना आसान रहता है। कमजोरी है सूचना का ढीलापन: कोर्स और फीस की बात फोन पर ही साफ होती है, और चावक्काड छोटा कस्बा है, रुकने के विकल्प सीमित हैं।
पता: त्रिशूर, चावक्काड, केरल 680506
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