बजाज इलेक्ट्रिकल्स की शुरुआत 1938 में रेडियो लैंप वर्क्स के नाम से हुई, 1960 में कंपनी मौजूदा नाम पर आई। यह बजाज ग्रुप का हिस्सा है, मुख्यालय मुंबई और सालाना कारोबार चार हजार करोड़ रुपये से ऊपर। पोर्टफोलियो में पंखे, मिक्सर ग्राइंडर, वॉटर हीटर, प्रेस, कुकवेयर और लाइटिंग हैं। ब्रिटिश ब्रांड मॉर्फी रिचर्ड्स का भारत का कारोबार भी यही कंपनी संभालती है, कुकवेयर के लिए निरलेप को साथ जोड़ा गया। 2023 में ट्रांसमिशन और पावर डिस्ट्रिब्यूशन का कारोबार अलग होकर बजेल प्रोजेक्ट्स बन गया, तब से फोकस घरेलू उपकरणों और लाइटिंग पर है।
असली ताकत नेटवर्क है: दो लाख से ज्यादा रिटेल आउटलेट, बजाज वर्ल्ड शोरूम और लगभग 500 कस्टमर केयर सेंटर, इसलिए छोटे शहरों में भी सर्विस और स्पेयर पार्ट मिल जाते हैं। बजट और मिड रेंज के खरीदार के लिए यह आराम वाला विकल्प है। जिन्हें प्रीमियम फिनिश या नई तकनीक चाहिए, उन्हें रेंज कमजोर लगेगी, क्योंकि कई उत्पाद बाहरी फैक्ट्रियों में बनते हैं और गुणवत्ता मॉडल दर मॉडल बदलती है।
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