कानपुर का स्टार्टअप, कंपनी का नाम Kanpur Flowercycling Private Limited है। अंकित अग्रवाल और प्रतीक कुमार ने 2017 में शुरू किया। मंदिरों से फेंके जाने वाले फूल उठाकर उनसे चारकोल-फ्री अगरबत्ती, कोन और घर की खुशबू बनती है। रोज़ कई टन फूल कचरा जमा होता है, पहले चार साल में 11,000 टन से ऊपर। यूनिट कानपुर, वाराणसी, अयोध्या और बद्रीनाथ में हैं, काम बड़े हिस्से में महिलाएं हाथ से करती हैं। Fair for Life और Ecocert सर्टिफिकेट हैं, फंडिंग करीब 12.7 मिलियन डॉलर, FY2024 की आय लगभग 50 करोड़ रुपये। फूलों से बना वीगन लेदर Fleather भी इसी टीम का है।
फिट किसके लिए: जो हल्की, साफ़ खुशबू चाहते हैं और यह भी देखते हैं कि सामान किसने बनाया। गिफ्ट के लिए पैकिंग सुंदर है। बजट देखने वालों को दाम चुभेगा, आम अगरबत्ती से महंगा पड़ता है। ज़्यादा बिक्री ऑनलाइन है, गली की दुकान पर मिलना तय नहीं।
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