खेती के लिए स्प्रेयर पंप चुनते समय किसान का सवाल सीधा होता है: टंकी कितनी देर चलेगी, बैटरी कितने सीज़न निकालेगी और मशीन कंधे तोड़ेगी या नहीं। यह रेटिंग उन्हीं लोगों के लिए बनी है जो एक ही पंप से कीटनाशक, खरपतवारनाशक और तरल खाद का छिड़काव करते हैं और बार बार मरम्मत के चक्कर से बचना चाहते हैं। इसमें बैटरी वाले नैपसैक पंप से लेकर पेट्रोल इंजन वाली पावर मशीन तक, खेत में असल में चलने वाले मॉडल रखे गए हैं।
चुनाव में देखा गया कि टंकी 16 से 25 लीटर के बीच है या नहीं, बैटरी 12 वोल्ट 8 एम्पियर की है, 12 एम्पियर की है या लिथियम, मोटर का डिस्चार्ज कितने लीटर प्रति मिनट है, कितने नोज़ल साथ आते हैं और वारंटी कितने महीने की मिलती है। दाम भी हिसाब में लिया गया, क्योंकि तीन हज़ार वाले सिंगल मोटर पंप और पांच हज़ार से ऊपर की डबल मोटर मशीन एक तराजू पर नहीं तोली जा सकतीं। हर मॉडल की अमेज़न या फ्लिपकार्ट पर मौजूदगी जांची गई, ताकि खरीद के बाद पुर्जे और सर्विस का रास्ता खुला रहे।
जगहों का क्रम संपादकीय राय से तय नहीं होता, उसे समुदाय के वोट आगे पीछे करते हैं। इसलिए ऊपर नीचे की जगह से ज़्यादा ध्यान कार्ड पर दीजिए: वहां हर पंप के प्लस, माइनस और इस्तेमाल करने वालों के अनुभव लिखे हैं। अपनी जोत, फसल की ऊंचाई और जेब देखकर दो तीन मॉडल छांटें, फिर उनका अंतर पढ़ें।
नेप्च्यून का BS-21 उन पंपों में है जो बैटरी और हाथ, दोनों तरीके से चलते हैं। 16 लीटर की चौड़े मुंह वाली टंकी, 12 वोल्ट 8 एम्पियर की ड्राई बैटरी और चार बदलने वाले नोज़ल साथ मिलते हैं, जिनसे कोन, फैन, डबल कोन और लंबी दूरी का छिड़काव हो जाता है। ऑनलाइन दाम आमतौर पर तीन हज़ार रुपये के आसपास रहता है, और अमेज़न पर इसी नाम से 20 लीटर टंकी वाला वेरिएंट भी मिलता है, इसलिए ऑर्डर करते समय क्षमता ध्यान से देखनी चाहिए।
छोटी और मंझोली जोत के लिए यह ठीक बैठता है: गेहूं, सब्ज़ी और कपास जैसी फसलों पर दवा का काम आराम से निकल जाता है। बैटरी बीच खेत में बैठ जाए तो हैंडल से पंप चलाकर टंकी खत्म की जा सकती है, यही इसकी सबसे काम की बात है। बागों में ऊंची डाल तक दवा पहुंचानी हो तो सिंगल मोटर का प्रेशर कम पड़ता है, वहां डबल मोटर या पेट्रोल मशीन बेहतर रहेगी।
यह मशीन बैटरी वाली नहीं, पेट्रोल इंजन वाली है। 31 सीसी का एयर कूल्ड चार स्ट्रोक इंजन 0.8 किलोवाट यानी करीब एक हॉर्सपावर देता है, टंकी 25 लीटर की है और पीतल का पिस्टन पंप लगा है, जिससे छिड़काव की क्षैतिज दूरी 10 से 12 मीटर तक बताई जाती है। डिब्बे में दो तरह की स्प्रे गन, एक्सटेंशन रॉड, ब्रास वाल्व, होज़ और टूल किट आता है। चार स्ट्रोक होने की वजह से पेट्रोल में तेल मिलाने की झंझट नहीं, इंजन ऑयल अलग टैंक में पड़ता है।
बड़े रकबे, आम और अमरूद के बाग, नारियल या गन्ने जैसी ऊंची फसल पर यह काम की चीज़ है, क्योंकि बैटरी पंप का प्रेशर वहां छोटा पड़ जाता है। बदले में वज़न, शोर और रोज़ का पेट्रोल खर्च झेलना पड़ता है, और रिकॉइल स्टार्टर खींचना हर किसी के बस का नहीं। एक दो एकड़ की सब्ज़ी के लिए इतनी मशीन लेना पैसा फंसाना है।
पैड कॉर्प का यह पंप 16 लीटर टंकी और 12 वोल्ट 12 एम्पियर बैटरी के साथ आता है। कंपनी इसमें कॉपर वाइंडिंग वाली 4 एलपीएम मोटर, डिजिटल बैटरी मीटर और 1.7 एम्पियर का चार्जर देती है, जिससे बैटरी कितनी बची है यह अंदाज़े से नहीं, मीटर देखकर पता चलता है। चार तरह के नोज़ल, गाड़ी जैसी गद्दीदार पट्टियां और कमर को सहारा देने वाला लंबर सपोर्ट इसमें शामिल है। उसी नाम से 8 एम्पियर वाला सस्ता वेरिएंट भी बिकता है, दाम तीन हज़ार रुपये के आसपास से शुरू होता है।
तीन से चार एकड़ वाले किसान के लिए यह बैठता है: एक चार्ज पर कई टंकी निकल जाती हैं और मीटर की वजह से बीच खेत में बैटरी बैठने का डर कम रहता है। लेड एसिड बैटरी का वज़न पीठ पर महसूस होता है, और कंपनी बैटरी पर छह महीने की रिप्लेसमेंट देती है, उसके बाद खर्च अपनी जेब से। ऊंचे बागों के छिड़काव के लिए डबल मोटर वाला मॉडल देखना ठीक रहेगा।
यही कंपनी का लिथियम वर्जन है: 16 लीटर टंकी के साथ 12 वोल्ट 14 एम्पियर की लिथियम आयन बैटरी, 4.5 एलपीएम की कॉपर मोटर और 2 एम्पियर का फास्ट चार्जर। लिथियम होने से वज़न लेड एसिड वाले पंप से कम रहता है, चार्जिंग जल्दी होती है और बैटरी पर एक साल की वारंटी दी जाती है, जो इस श्रेणी में आम बात नहीं। टंकी पर डिजिटल परसेंटेज मीटर लगा है, जिससे चार्ज का अंदाज़ा साफ रहता है।
जिन्हें रोज़ छिड़काव करना है और पीठ का दर्द दिक्कत देता है, उनके लिए हल्का वज़न सीधा फायदा है। दाम लेड एसिड मॉडल से ऊपर बैठता है और बैटरी खराब हो जाए तो बदलवाना जेब पर भारी पड़ता है, गांव की हर दुकान पर लिथियम पैक नहीं मिलता। बहुत गर्म इलाके में पंप को धूप में खुला छोड़ना ठीक नहीं, बैटरी की उम्र घटती है।
बलवान कृषि का BS-20 सिंगल मोटर वाला सीधा सादा बैटरी पंप है। 18 लीटर टंकी, 12 वोल्ट 8 एम्पियर की ड्राई बैटरी, चार नोज़ल और करीब तीन घंटे का चार्जिंग टाइम। कंपनी का दावा है कि एक चार्ज में 15 से 20 टंकी का छिड़काव हो जाता है और दवा 15 फीट तक पहुंचती है। अमेज़न और फ्लिपकार्ट, दोनों पर यह मॉडल मिलता है और दाम तीन हज़ार रुपये के इर्द गिर्द रहता है।
गेहूं, सरसों, चना और सब्ज़ी जैसी नीची फसलों पर दो तीन एकड़ का काम यह आराम से निभा देता है। हाथ से पंप करने का विकल्प इसमें नहीं है, बैटरी बैठ गई तो छिड़काव रुक जाएगा, इसलिए जहां बिजली की कटौती ज़्यादा है वहां 2 इन 1 मॉडल सोचना चाहिए। बागवानी और ऊंचे पेड़ों के लिए प्रेशर पूरा नहीं पड़ता।
गोल्ड सीरीज़ का यह मॉडल बलवान का ऊपरी दर्जा है: 20 लीटर टंकी, 12 वोल्ट 12 एम्पियर बैटरी और दो मोटरें। दोनों मोटर चलाने पर कंपनी तीन गुना प्रेशर का दावा करती है, यानी लंबी दूरी और ऊंची डाल का छिड़काव भी हो जाता है, और ज़रूरत न हो तो एक मोटर पर चलाकर बैटरी बचाई जा सकती है। टंकी पर डिजिटल बैटरी इंडिकेटर लगा है और डिब्बे में 15 फीट केबल वाला एलईडी बल्ब भी आता है। दाम पांच हज़ार रुपये से ऊपर जाता है।
आम, अमरूद, मिर्च और कपास जैसी ऊंची फसल वालों को इससे फायदा है, क्योंकि सिंगल मोटर पंप वहां दवा ऊपर तक नहीं फेंकते। भरी टंकी के साथ वज़न बढ़ जाता है, ढलान वाले खेत में दिन भर ढोना आसान नहीं। दोनों मोटर लगातार चलाने पर बैटरी जल्दी उतरती है, इसलिए बड़े रकबे पर एक अतिरिक्त बैटरी रखना समझदारी है।
किसानक्राफ्ट का यह पंप 18 लीटर की केमिकल टंकी और 12 वोल्ट 8 एम्पियर बैटरी पर चलता है। खास बात ऑटो कट ऑफ पंप है: ट्रिगर छोड़ते ही मोटर बंद हो जाती है, इससे बैटरी और दवा दोनों बचती हैं। साथ में स्टेनलेस स्टील का टेलीस्कोपिक लांस, चार प्लास्टिक नोज़ल और स्पीड कंट्रोलर मिलता है, खाली वज़न करीब 6.7 किलो है। दाम आमतौर पर तीन हज़ार रुपये के नीचे रहता है।
स्टील का लांस इसे सस्ते पंपों से अलग करता है, प्लास्टिक वाले लांस जोड़ से टपकने लगते हैं, यह टिकता है। स्पीड कंट्रोलर से खरपतवारनाशक के लिए कम और कीटनाशक के लिए ज़्यादा प्रेशर सेट किया जा सकता है। हाथ से पंप करने की सुविधा नहीं है और सिंगल मोटर का दम बड़े बागों के लिए कम पड़ता है, वहां कंपनी का डबल मोटर वाला मॉडल देखना चाहिए।
किसानक्राफ्ट का KK-JP-708 पेट्रोल वाला नैपसैक पावर स्प्रेयर है। इसमें 26 सीसी का दो स्ट्रोक इंजन करीब एक हॉर्सपावर देता है, टंकी 20 लीटर की है और एल्युमिनियम पंप लगा है। पेट्रोल की खपत लगभग आधा लीटर प्रति घंटा बताई जाती है। डिब्बे में 1.2 मीटर डिलीवरी होज़, तीन फीट की सीधी गन, गैस्केट सेट, ईंधन मापने का कैन और टूल किट आता है। ऑनलाइन दाम सात से नौ हज़ार रुपये के बीच घूमता रहता है।
जहां रोज़ कई एकड़ का छिड़काव होता है और बैटरी चार्ज करने का समय नहीं मिलता, वहां पेट्रोल मशीन ही निभाती है: ईंधन भरो और चलाओ। दो स्ट्रोक इंजन में पेट्रोल के साथ ऑयल का अनुपात सही मिलाना पड़ता है, गलती से इंजन बैठ सकता है। शोर, धुआं और वज़न इसकी कीमत है, घर के बगीचे या छोटी क्यारी के लिए यह मशीन बेकार है।
एस्पी नाम खेती के छिड़काव में पुराना है, कंपनी 1946 से यही काम कर रही है। ड्यूओ इलेक्ट्रो 2 इन 1 में 16 लीटर की एचडीपीई टंकी है, जिसे हॉट प्लेट वेल्डिंग से जोड़ा गया है, यानी जोड़ से रिसाव की शिकायत कम आती है। 12 वोल्ट की मोटर फ्री फ्लो में करीब 3.1 लीटर प्रति मिनट देती है, पंप पॉलीप्रोपाइलीन का है और बैटरी के लिए अलग हाउसिंग बनी है। कंधे की पट्टियां एडजस्ट होती हैं, बैटरी खत्म हो जाए तो लीवर से हाथ का पंप चलता है।
बाग, कॉफी और मसाला बागान जैसे लंबे छिड़काव के लिए कंपनी इसे सुझाती है, और टंकी की बनावट दाम के हिसाब से मज़बूत है। कीमत चार हज़ार रुपये के आसपास पहुंच जाती है, इतने में सस्ते ब्रांड 12 एम्पियर बैटरी और डिजिटल मीटर दे देते हैं, यहां वह नहीं मिलेगा। जिन्हें पुर्जों की उपलब्धता और मरम्मत ज़्यादा ज़रूरी लगती है, उनके लिए यह सौदा ठीक है।
शार्प गरुड़ का यह 16 लीटर पंप बैटरी और हाथ, दोनों से चलता है। कंपनी 12 वोल्ट 8 एम्पियर बैटरी के साथ छह घंटे तक चलने का दावा करती है, प्रेशर 0.45 एमपीए तक बताया गया है और तीन तरह के नोज़ल के साथ करीब 180 सेंटीमीटर की होज़ मिलती है। डिब्बे में क्लच, कचरा छानने वाला फिल्टर, चार्जर, पट्टी का सेट और स्प्रे होल्डर आता है। अमेज़न और फ्लिपकार्ट, दोनों जगह लिस्टिंग है और दाम विक्रेता के हिसाब से बदलता रहता है।
जिन्हें कम पैसे में 2 इन 1 सुविधा चाहिए, उनके लिए यह विकल्प है: बैटरी बैठे तो लीवर से टंकी खत्म हो जाती है। छह घंटे का बैकअप नोज़ल और प्रेशर पर निर्भर करता है, तेज़ छिड़काव में इतना नहीं मिलेगा। ब्रांड बड़ा नहीं है, इसलिए मोटर या बैटरी खराब होने पर पुर्जे ढूंढने में समय लग सकता है, खरीदने से पहले यह सोच लेना चाहिए।