दिल्ली में 2010 में शुरू हुई सेवा, संस्थापक रवींद्र कुमार। शू लॉन्ड्री का चलन यहाँ जल्दी पकड़ा गया, और आज जूतों के साथ बैग, पर्स, बेल्ट और चमड़े की जैकेट का काम भी होता है। मरम्मत में सोल बदलना, हील टिप, सिलाई और ज़िप शामिल हैं। सफाई में स्वेड और नुबक जैसी नाज़ुक सामग्री अलग तरीके से देखी जाती है। दिल्ली एनसीआर में मुफ्त पिकअप और ड्रॉप है।
रोज़ पहनने वाले ऑफिस के जूतों और स्कूल शूज़ के लिए सस्ता और व्यावहारिक विकल्प। समीक्षाओं में सोल बदलने और चमकाने की तारीफ ज़्यादा दिखती है। बहुत महंगे लिमिटेड एडिशन स्नीकर के लिए लोग आम तौर पर प्रीमियम स्टूडियो चुनते हैं। साइट पर दाम की पूरी सूची नहीं है, इसलिए फोन या ईमेल पर अनुमान पहले ले लेना ठीक रहेगा।
पता: नई दिल्ली
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