सोने और हीरे के गहनों की असली कीमत आँकना अलग पेशा है, और इसकी माँग बैंकों, एनबीएफसी, बीमा कंपनियों तथा ज्वेलरी शोरूम में लगातार बनी हुई है। यह सूची उन लोगों के लिए बनी है जो ज्वेलरी वैल्यूएशन कोर्स चुनना चाहते हैं: कोई गोल्ड लोन अप्रेजर बनना चाहता है, कोई हीरे की ग्रेडिंग और प्राइसिंग सीखकर ट्रेड में जाना चाहता है, तो किसी को अपनी दुकान के लिए पक्की जाँच का हुनर चाहिए।
चयन में तीन बातें देखी गईं। पहली, पाठ्यक्रम में असली वैल्यूएशन है या नहीं: कैरेट जाँच, हॉलमार्किंग, सोल्डर और स्टोन वेट डिडक्शन, 4C ग्रेडिंग, अंतरराष्ट्रीय प्राइसिंग। दूसरी, प्रैक्टिकल का हिस्सा: रिफ्रैक्टोमीटर, पोलरिस्कोप, माइक्रोस्कोप और असली पत्थरों पर काम, क्योंकि किताबी ज्ञान से कीमत नहीं तय होती। तीसरी, सर्टिफिकेट का वजन, यानी विश्वविद्यालय या उद्योग निकाय से संबद्धता, अवधि, फीस, शहर, ऑनलाइन विकल्प और प्लेसमेंट में मदद।
क्रम संपादकीय राय से तय नहीं होता: पाठकों के वोट स्थान बदलते रहते हैं। हर कार्ड में प्लस, माइनस और यूज़र्स के अनुभव पढ़ें, फीस और बैच की तारीख संस्थान से सीधे पूछें, और तभी दाखिला लें।
अप्रैल 1971 में जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्टर्स असोसिएशन ने इसे मुंबई में शुरू किया था, और यह गैर लाभकारी ढाँचे पर चलता है। पढ़ाई का मुख्य ढाँचा तीन डिप्लोमा पर टिका है: जेमोलॉजी, डायमंड ग्रेडिंग और ज्वेलरी डिजाइनिंग। पॉलिश्ड डायमंड मॉड्यूल पंद्रह सप्ताह चलता है, सोमवार से शनिवार, सुबह दस से एक बजे तक, और उसमें ग्रेडिंग सिस्टम, कट के हिस्से, 4C तथा लेंस, माइक्रोस्कोप, रिफ्रैक्टोमीटर, स्पेक्ट्रोस्कोप पर काम शामिल है। एक सप्ताह से एक महीने के छोटे कोर्स और डिस्टेंस एजुकेशन भी उपलब्ध हैं।
संस्थान की अपनी लैब रंगीन पत्थरों की पहचान, भौगोलिक उत्पत्ति, जड़ित ज्वेलरी की ग्रेडिंग और लैब ग्रोन हीरों की जाँच करती है, इसलिए पढ़ाई असली नमूनों पर होती है। यह उन लोगों के लिए ठीक है जो मुंबई में रहकर लंबी, गहरी ट्रेनिंग चाहते हैं। जिसे केवल एक दिन का गोल्ड अप्रेजल सर्टिफिकेट चाहिए, उसके लिए यह भारी पड़ेगा।
मुंबई, 501/502 मेहता भवन, राजा राम मोहन रॉय मार्ग, चरनी रोड (पूर्व)
1975 में एंटवर्प में शुरू हुआ इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट आज दुनिया की सबसे बड़ी ग्रेडिंग लैब चेन में गिना जाता है, और भारत में इसके स्कूल तथा लैब मुंबई, सूरत के कतारगाम, जयपुर के सी स्कीम, दिल्ली और अहमदाबाद में हैं। पॉलिश्ड डायमंड कोर्स सीधे इसी काम के लिए बना है: पत्थर की पहचान, ग्रेड तय करना और अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग प्रथा के हिसाब से कीमत का अनुमान लगाना।
इसके अलावा रूबी, एमराल्ड और सैफायर की पहचान, नवरत्न स्पेशलिस्ट, पर्ल, ज्वेलरी ग्रेडिंग का परिचय तथा ज्वेलरी क्वालिटी कंट्रोल जैसे छोटे कोर्स चलते हैं, जिनकी अवधि कुछ दिनों से कुछ हफ्तों तक रहती है। कामकाजी लोगों के लिए यही सुविधाजनक है। कमी यह कि बैच शहर के हिसाब से तय होते हैं, इसलिए तारीख का इंतजार करना पड़ सकता है।
मुंबई, 915/916, ज्वेल वर्ल्ड, कॉटन एक्सचेंज बिल्डिंग, ज़वेरी बाज़ार
सूरत का यह संस्थान 1978 में बना और भारत सरकार के सहयोग से चलने वाली स्वायत्त संस्था है, जिसका कैंपस कतारगाम जीआईडीसी में है। यहाँ डायमंड, ज्वेलरी और जेमोलॉजी, तीनों धाराओं में सर्टिफिकेट से लेकर पीजी डिप्लोमा तक करीब तीस कार्यक्रम चलते हैं, और साथ में लैब सेवाएँ भी। फीस का दायरा चौड़ा है: छोटे सर्टिफिकेट कोर्स कुछ हजार रुपये में हो जाते हैं, जबकि लंबे डिप्लोमा लाखों में जाते हैं।
पढ़ाई का झुकाव उत्पादन शहर के हिसाब से है, यानी रफ की परख, प्लानिंग, असॉर्टमेंट और ग्रेडिंग, जो हीरा कारखानों तथा ट्रेडिंग दफ्तरों की नौकरी के लिए काम आता है। सूरत में रहकर पढ़ने वालों को यह सबसे किफायती विकल्प लगेगा। दूसरे शहरों से आने वालों को रहने का खर्च जोड़ना होगा, क्योंकि पूरा ढाँचा एक ही कैंपस पर है।
सूरत, कतारगाम जीआईडीसी, सुमुल डेयरी रोड, गुजरात 395008
मुंबई के ऑपेरा हाउस इलाके में बैठा यह निजी संस्थान जेमोलॉजी, डायमंड और ज्वेलरी डिजाइन, तीनों दिशाओं में कोर्स चलाता है। जेमोलॉजी प्रोग्राम में पत्थरों की पहचान, ग्रेडिंग और मूल्यांकन एक साथ पढ़ाया जाता है, और छात्र प्राकृतिक, ट्रीटेड तथा सिंथेटिक, तीनों तरह के नमूनों पर हाथ आजमाते हैं। लैब में रिफ्रैक्टोमीटर, पोलरिस्कोप, डाइक्रोस्कोप, चेल्सी फिल्टर, यूवी लैंप और स्पेक्ट्रोस्कोप पर अभ्यास होता है।
डायमंड कोर्स का जोर ग्रेडिंग, मूल्यांकन और बाजार की चाल पर है, इसलिए ट्रेड में नए आए लोगों को व्यावहारिक लगता है। संस्थान अपेक्षाकृत नया है और ब्रांड के मामले में पुराने डिप्लोमा से हल्का पड़ता है, इसलिए विदेश में नौकरी का सपना देखने वालों को सर्टिफिकेट की मान्यता पहले जाँच लेनी चाहिए।
मुंबई, पंचरत्न बिल्डिंग, एम. परमानंद मार्ग, ऑपेरा हाउस के पास
करोल बाग के गहना बाजार के बीच चलने वाला यह संस्थान डीजीएल लैब से जुड़ा है, और इसके कोर्स सीधे बाजार की जरूरत पर बने हैं। मुख्य कार्यक्रम दो हैं: डायमंड ग्रेडिंग एंड आइडेंटिफिकेशन तथा कलर्ड जेमस्टोन आइडेंटिफिकेशन, जिन्हें मिलाकर पूरा जेमोलॉजी कोर्स बनता है। इनके अलावा पर्ल ग्रेडिंग, डायमंड सॉर्टिंग प्रोग्राम, ज्वेलरी मैनेजमेंट, ज्वेलरी सेल्स एंड मार्केटिंग और एस्ट्रो जेम्स जैसे छोटे मॉड्यूल चलते हैं।
दिल्ली और आसपास के कारोबारियों, दुकान संभालने वाले परिवारों तथा नौकरी बदलने वालों के लिए यह सुविधाजनक है, क्योंकि कक्षा और बाजार एक ही गली में हैं। जिन्हें विश्वविद्यालय से संबद्ध डिग्री या भारी अकादमिक ढाँचा चाहिए, उन्हें यहाँ वह नहीं मिलेगा; यह छोटे, व्यावहारिक कोर्स का ठिकाना है।
नई दिल्ली, 2021 बैंक स्ट्रीट, करोल बाग 110005
सूरत और दिल्ली में चलने वाला यह संस्थान खुद को हीरे के मूल्यांकन पर केंद्रित बताता है, और यही इसकी असली पहचान है। कोर्स सूची में रफ डायमंड वैल्यूएशन, पॉलिश्ड डायमंड वैल्यूएशन, कलर डायमंड वैल्यूएशन, असॉर्टमेंट, तथा सारिन और गैलेक्सी मशीन पर प्लानिंग और मार्किंग शामिल हैं। ट्रिपल एक्सीलेंट कट की ट्रेनिंग गोल और फैंसी, दोनों शेप में दी जाती है, जो कारखाने की नौकरी के लिए सीधा काम आती है।
पच्चीस साल से ऊपर का अनुभव और अपनी लैब इसे व्यावहारिक बनाती है; प्लेसमेंट के लिए अलग नंबर तक रखा गया है। जिसे सोने के गहनों की परख या रंगीन रत्नों का गहरा अध्ययन चाहिए, उसके लिए यह जगह नहीं है, क्योंकि पूरा पाठ्यक्रम हीरे के इर्दगिर्द घूमता है।
सूरत, 7/8/9 डायमंड हाउस अपार्टमेंट, केसरबा मार्केट, गोतालावाड़ी 395004
केरल के मलप्पुरम में इंकेल एजुसिटी परिसर में चलने वाला यह संस्थान सफा ज्वेलर्स की पहल है और जेम एंड ज्वेलरी स्किल काउंसिल की सूची में आता है। वैल्यूएशन के लिहाज से सबसे उपयोगी इसका एक दिन का गोल्ड अप्रेजर एंड वैल्यूअर प्रोग्राम है, जो ऑनलाइन भी होता है। पाठ्यक्रम में हॉलमार्किंग, अंतरराष्ट्रीय गोल्ड प्राइसिंग, सोल्डर वेट डिडक्शन, स्टोन वेट डिडक्शन तथा कैरेट घटाने बढ़ाने का हिसाब पढ़ाया जाता है।
बैंकों और एनबीएफसी के लिए गोल्ड ऑडिटर और अप्रेजल की कस्टमाइज्ड ट्रेनिंग अलग से चलती है, जिसमें धोखाधड़ी पकड़ना भी शामिल है; ऐसे सत्र सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया जैसे संस्थानों के लिए हो चुके हैं। लंबी पढ़ाई चाहने वालों के लिए डिजाइन, जेमोलॉजी और मैनेजमेंट के नियमित कोर्स भी हैं। कमी यही कि कैंपस केरल में है।
मलप्पुरम, इंकेल एजुसिटी, ऊरकम मेलमुरी पोस्ट, केरल 676519
यह अकादमी 2020 से गोल्ड अप्रेजर तैयार करने के काम में लगी है और इसका मुख्य कार्यक्रम है सर्टिफिकेट कोर्स इन गोल्ड ज्वेलरी अप्रेजिंग एंड बिजनेस मैनेजमेंट, जो मदुरै कामराज विश्वविद्यालय की संबद्धता के साथ चलता है। विश्वविद्यालय का नाम जुड़ा होने से बैंक और एनबीएफसी में सर्टिफिकेट दिखाने में सुविधा रहती है, जो निजी वर्कशॉप वाले प्रमाणपत्रों को नहीं मिलती।
पाठ्यक्रम में धातु की बुनियादी परख, सोने की शुद्धता जाँच और गहनों के कारोबार का प्रबंधन, दोनों हिस्से हैं, इसलिए यह गोल्ड लोन शाखा में नौकरी चाहने वालों और छोटे ज्वेलर्स के लिए बना है। दायरा मुख्यतः तमिलनाडु है और सामग्री का बड़ा हिस्सा तमिल में मिलता है; हीरे की ग्रेडिंग या रंगीन रत्नों की गहराई यहाँ नहीं मिलेगी।
चेन्नई से चलने वाली यह कंपनी सोने की परख और ज्वेलरी वैल्यूएशन की ट्रेनिंग को देशभर में ले जाती है। इसके सत्र ठाणे, पुणे, नागपुर, सूरत, राजकोट, लखनऊ, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद तक हो चुके हैं, और कंपनी के अपने दावे के अनुसार तीस साल के काम में हजारों कार्यक्रम कराए जा चुके हैं। कुछ बैच एमएसएमई सीएफटीआई के प्रमाणन के साथ होते हैं।
ट्रेनिंग का ढाँचा छोटा और व्यावहारिक है: असली नमूनों पर टेस्टिंग, शुद्धता तय करना, कीमत निकालना और बैंक की प्रक्रिया समझना। बैंक, एनबीएफसी, सहकारी बैंक और गोल्ड लोन शाखाओं के कर्मचारी इसके मुख्य ग्राहक हैं, और कॉर्पोरेट सत्र माँग पर कराए जाते हैं। अकादमिक डिग्री या लंबी जेमोलॉजी पढ़ाई की तलाश करने वाले को यहाँ निराशा होगी।
चेन्नई, तमिलनाडु