1963 में खुला यह तारामंडल कोलकाता के 96 जवाहरलाल नेहरू रोड पर खड़ा है और इसका गोल ढाँचा साँची के स्तूप की तरह दिखता है। उद्घाटन जवाहरलाल नेहरू ने किया था। गुंबद का व्यास करीब 23 मीटर है, इसे एशिया का सबसे बड़ा तारामंडल माना जाता है और बैठने की जगह भी बड़ी है। पुराने ऑप्टो मैकेनिकल तारा प्रोजेक्टर के साथ अब डिजिटल फुलडोम सिस्टम चलता है। शो बंगाली, हिंदी और अंग्रेजी में होते हैं, यानी भाषा की दिक्कत कम है।
परिवार और स्कूल समूहों के लिए सीधा विकल्प, क्योंकि विक्टोरिया मेमोरियल और सेंट पॉल कैथेड्रल पास ही हैं और एक दिन में तीनों घूम सकते हैं। छुट्टियों और शनिवार को टिकट काउंटर पर भीड़ रहती है, इसलिए शो शुरू होने से आधा घंटा पहले पहुँचना ठीक रहता है। अंदर बहुत ठंडा रहता है, हल्की जैकेट काम आती है। जो लोग नई पीढ़ी के 3D शो खोज रहे हैं, उन्हें यहाँ का अनुभव कुछ पुराना लग सकता है।
पता: 96 जवाहरलाल नेहरू रोड, कोलकाता 700071, पश्चिम बंगाल
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