डीटीडीसी 1990 में बेंगलुरु में बनी और यही पहली कूरियर कंपनी थी जिसने भारत में फ्रेंचाइज़ी मॉडल खोला। आज इसके हज़ारों बुकिंग काउंटर बड़े शहरों से लेकर कस्बों तक फैले हैं। छोटे पार्टनर मॉडल में शुरुआत बहुत सस्ती है, फ्रेंचाइज़ फीस कुछ हज़ार से शुरू होकर शहर और मॉडल के हिसाब से बढ़ती है, कुल रकम आमतौर पर 50 हज़ार से कुछ लाख के बीच रहती है। कमाई बुकिंग पर कमीशन से आती है, कंपनी का हिस्सा कारोबार से कटता है।
यह काम उन लोगों को जमता है जिनके पास पहले से दुकान, स्टेशनरी या मोबाइल का काउंटर है और थोड़ी जगह खाली है। ऑनलाइन शॉपिंग की वापसी वाले पार्सल से रोज़ का काम मिलता रहता है। अकेले कूरियर से बड़ी कमाई नहीं होती, यह जोड़ने वाला धंधा है।
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