Godrej की कहानी 1897 में मुंबई से शुरू हुई, जब Ardeshir Godrej ने किराए के छोटे शेड में ताले बनाने का काम शुरू किया। 1902 में यहीं भारत में बनी पहली तिजोरियाँ आईं, 1909 में स्प्रिंगलेस लॉक का पेटेंट हुआ और 1954 में NavTal ताला घर-घर का नाम बन गया। आज यह Godrej Enterprises Group है, जिसकी सुरक्षा इकाई होम लॉकर, बैंक वॉल्ट, सेफ डिपॉज़िट लॉकर और डिजिटल ताले बनाती है; होम लाइन में Forte Pro और NX Pro जैसी सीरीज़ मोटराइज़्ड लॉकिंग और डिजिटल कीपैड के साथ आती हैं।
उन खरीदारों के लिए उपयुक्त, जो सवा सौ साल पुराने ब्रांड, देशभर में फैले डीलर नेटवर्क और बैंकों द्वारा इस्तेमाल होने वाली तकनीक पर भरोसा करना चाहते हैं। जिसे सिर्फ़ सस्ता डिब्बा चाहिए, उसे कीमत ज़्यादा लगेगी। भारी लॉकरों को दीवार या फ़र्श में फ़िक्स कराना पड़ता है, इसलिए इंस्टॉलेशन की तारीख़ खरीद के समय ही तय कर लेना समझदारी है।
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