चेन्नई से 2017 में शुरू हुआ GoFloaters पे पर यूज मॉडल पर चलता है, यानी जितना बैठे उतना पैसा। नेटवर्क में 2000 से ज्यादा वर्कस्पेस हैं और 35 से ज्यादा शहर, जिनमें टियर 2 और टियर 3 कस्बे भी शामिल हैं। हॉट डेस्क दिन के हिसाब से और मीटिंग रूम घंटे के हिसाब से बुक होते हैं। कंपनियों के लिए अलग उत्पाद WorqFlexi है, जिससे बिखरी हुई टीम अपने शहर में डेस्क खुद बुक कर लेती है। Business World ने इसे फ्लेक्सी स्पेस कैटेगरी में बेस्ट एग्रीगेटर कहा था।
जो अकेले काम करते हैं या पांच दस लोगों की टीम चलाते हैं, उनके लिए यह पैसे के हिसाब से सबसे हल्का पड़ता है। छोटे शहरों में कैफे और शेयर्ड ऑफिस भी मिल जाते हैं, जो दूसरी जगह कम दिखते हैं। कमी यह है कि कैफे वाली जगहों पर शोर और इंटरनेट की पक्की गारंटी नहीं होती, और बहुत बड़े मैनेज्ड ऑफिस के मामले में विकल्प सीमित हैं।
अभी कोई समीक्षा नहीं है — सबसे पहले आप लिखें!