Royal Philips की शुरुआत 1891 में नीदरलैंड के Eindhoven से हुई थी और भारत में कंपनी 1930 से काम कर रही है, जब Kolkata में 75 लोगों के छोटे दफ्तर से लैंप बेचने का काम शुरू हुआ था। 1938 में यहीं पहला लैंप कारखाना लगा, 1948 में रेडियो बनने लगे। आज Philips India का ज़ोर हेल्थ टेक्नोलॉजी और पर्सनल केयर पर है: ट्रिमर, शेवर, हेयर ड्रायर, स्ट्रेटनर, ओरल केयर और एयर प्यूरीफायर। किचन और गारमेंट केयर वाला कारोबार 2021 में अलग हो गया था, अब Versuni नाम की कंपनी लाइसेंस लेकर उन उपकरणों पर Philips ब्रांड लगाती है।
ब्रांड उन लोगों के लिए ठीक बैठता है जो कीमत से ज़्यादा टिकाऊपन और वारंटी को अहमियत देते हैं। अधिकृत सर्विस सेंटर देश भर में हैं और पुर्ज़े आमतौर पर मिल जाते हैं। सस्ते में घर भरने वालों के लिए यह ब्रांड नहीं है, वही काम करने वाले स्थानीय मॉडल अक्सर आधी कीमत पर मिल जाते हैं। शेवर हेड और ब्रश हेड हर दो तीन साल में बदलने पड़ते हैं, उनकी कीमत भी खर्च के हिसाब में जोड़ लेनी चाहिए।
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