किराए पर किताब लेने का सीधा सादा पोर्टल: फिक्शन, नॉन फिक्शन, सेल्फ हेल्प, बच्चों की और पढ़ाई की किताबें एक ही कैटलॉग में। सदस्यता तीन महीने के लिए आठ सौ निन्यानबे रुपये से शुरू होती है, साथ में एक मुफ़्त योजना भी दी जाती है जिससे सेवा आज़माई जा सके। किताबें घर पहुँचती हैं और पढ़ने के बाद वहीं से उठा ली जाती हैं। ऐप भी है, पर ज़्यादातर काम वेबसाइट से हो जाता है।
सहायता सुबह दस से शाम सात बजे तक फ़ोन और मेल पर मिलती है, जवाब आमतौर पर एक दिन के भीतर आता है। संग्रह बड़ी चेनों जितना गहरा नहीं है, इसलिए बहुत नई या दुर्लभ किताब खोजने वालों को निराशा हो सकती है। जो लोग महीने में दो तीन किताबें पढ़ते हैं और तय कीमत पसंद करते हैं, उनके लिए हिसाब ठीक बैठता है।
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